रायपुर। उच्च शिक्षामंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय ने कहा है कि राज्य के बेरोजगारों को उनका हक दिलाने के लिए सरकार वर्तमान सत्र में या फिर अगले सत्र में कानून लाएगी। प्रदेश के युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए कार्ययोजना बनाकर समयबद्ध क्रियान्वयन किए जाने के संबंध में भाटापारा विधायक शिवरतन शर्मा ने विधानसभा में भोजन अवकाश से पहले चर्चा शुरू की थी। इस मसले पर भोजन अवकाश के बाद करीब 3 घंटे चर्चा चली। चर्चा के दौरान कांग्रेस और भाजपा के एक दर्जन से अधिक विधायकों ने अपने सुझाव दिए। चर्चा के आखिर में उच्च शिक्षामंत्री ने कहा कि इस चर्चा से यही निचोड़ निकल रहा है कि राज्य में भारी मात्रा में रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। इन अवसरों को राज्य के स्थानीय युवकों को मिले, इसका इंतजाम करना होगा। साथ ही इन नौकरियों के लिए स्थानीय युुवकों में योग्यता पैदा करना, जिससे वह केवल राज्य में ही नहीं, देश और दुनिया में रोजगार पा सकें।

चर्चा की शुरुआत करते हुए शिवरतन शर्मा ने बताया कि राज्य में पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या 13 लाख से अधिक है। इनकी बढ़ती हुई संख्या सबके लिए चिंता का विषय है। इनकी संख्या कैसे कम की जाए यह चर्चा का विषय है। राज्य में बड़े उद्योग तो आए, लेकिन अपने साथ स्टाफ भी बाहर से लेकर आए हैं। जिन किसानों की जमीन गई उन्हें भी नौकरी नहीं मिली।

चर्चा को आगे बढ़ाते हुए विधायक नवीन मारकंडेय ने उदाहरण देकर बताया कि पहले उनका विधानसभा क्षेत्र आरंग नगर पालिका था, बाद में नगर पंचायत हो गया। ऐसा उच्च शिक्षा और रोजगार के साधन नहीं होने के कारण हुआ। पढ़े- लिखे लोग शहरों में शिफ्ट हो गए और शहर की आबादी घट गई।

रायपुर ग्रामीण विधायक सत्यनारायण शर्मा ने बेरोजगारों की बढ़ती संख्या के पीछे रोजगार देने वाली सरकारी एजेंसियों के भ्रष्टाचार और घोटाले को वजह बताया। ी शर्मा ने कहा कि पिछले 10 सालों में व्यापम में लगातार घोटाले होते रहे। पीएससी की परीक्षा हुई तो चार साल तक परिणाम नहीं आए। बेरोजगार धक्के खाते रहे। बाहर के लोगों को अवसर दिया जा रहा है। डीजीपी जैसे पर सरकार को यहां एक भी योग्य व्यक्ति नहीं मिल रहा। दूसरी भर्तियों का भी यही आलम है। उन्होंने कहा कि सरकार को रोजगार के अवसर तलाशने होंगे। निर्दलीय विधायक डॉ. विमल चोपड़ा ने कहा कि राज्य में भारी उद्योग तो बहुत आए लेकिन कृषि आधारित उद्योग और रोजगार पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया, जबकि हमारा राज्य गांवों में बसता है। राज्य की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है। भाजपा विधायक लाभचंद बाफना ने सरकार के अब तक किए गए प्रयासों पर संतोष जताया। वहीं विधायक ीचंद सुंदरानी कृषि आधारित रोजगार की ओर सरकार को ध्यान देने की जरूरत बताई।

चर्चा में महिला विधायकों में चंपा देवी, सरोजनी बंजारे, रूपकुमारी चौधरी ने हिस्सा लिया। वहीं बस्तर में लाल आतंक और रोजगार से जुड़ी समस्याओं की ओर मोहन मरकाम, बृहस्पत सिंह, मनोज मंडावी, लालजी राठिया आदि ने ध्यान आकर्षित कराया।

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