रायपुर। नईदुनिया, राज्य ब्यूरो

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की तारीख नजदीक आते ही राजनीति तेज हो गई है। फटे बारदाने से धान गिरने की फोटो ट्वीट कर नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने सरकार पर निशाना साधा। इसके जवाब में कांग्रेस ने भाजपा ने पूछा है कि 15 साल तक सत्ता में रहते धानों को सुरक्षित भंडारण के लिए कितने गोदाम निर्माण कराया?

नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने सूरजपुर जिले के बसदई धान खरीदी केंद्र की फोटो ट्वीट की है। कौशिक करीब सप्ताहभर पहले वहां गए थे। कौशिक ने फोटो के साथ लिखा है कि धान खरीदी केंद्र में बदहाल बारदाना, खुद ही वहां की कहानी बयां कर रहे हैं। इन सबके बाद भी प्रदेश सरकार को किसानों की कोई चिंता नहीं है। इस पर कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने पलटवार किया है। त्रिवेदी ने भाजपा शासनकाल में गोदामों में धार खराब होने के आंकड़े भी जारी किए गए हैं।

प्रदेश में खरीफ वर्ष 2019-20 में कुल 83.94 लाख टन धान खरीदी की गई थी। त्रिवेदी ने बताया कि इसमें से 51.70 लाख टन धान सीधे समितियों से मिलर को दिया गया। जो कुल खरीदी का करीब 62 फीसद है। 2016-17 में 69.59 लाख टन खरीदी के विरुद्ध केवल 41.25 फीसद धान समितियों से सीधे मिलरों को भेजा गया था। 2017-18 धान खरीदी का आंकड़ा 56.88 लाख टन और समितियों से मिलटरों को भेजे गए धान का फीसद 41.45 था। इसी तरह 2018-19 में 80.38 लाख टन खरीदी की गई। इसमें से 47.40 फीसद ही मिलरों को भेजा गया था। उन्होंने कहा कि समितियों से मिलरों को सीधे धान दिए जाने से परिवहन व्यय की बचत के साथ नुकसान भी कम हुआ। त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा सफलतापूर्वक सुव्यवस्थित रूप से धान की खरीदी से भाजपा नेताओं को स्वाभाविक रूप से पेट में पीड़ा हो रही है। अगर भाजपा की सोच सही होती तो भाजपा आगे आकर कांग्रेस सरकार की सफलता को स्वीकार करने का नैतिक साहस प्रदर्शित कर लें।

तीन वर्ष दो लाख टन से ज्यादा धान हुआ खराब

कांग्रेस मीडिया विभाग के प्रमुख त्रिवेदी ने भाजपा शासनकाल के तीन वर्षों की धान खरीदी का आंकड़ा जारी किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि खरीफ वर्ष 2011-12 से 2013-14 तक तीन वर्षों में दो लाख 29 हजार 383 टन धान खराब हुआ। यह सब तत्कालीन भाजपा सरकार की गलती की वजह से हुआ।

खरीफ वर्ष धान खरीदी खराब हुआ 2011-12 59.72 50841

2012-13 71.36 100381

2013-14 79.72 78161

(नोट- धान की मात्रा टन में)

Posted By: Nai Dunia News Network

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