रायपुर। तस्करों से बरामद तेंदुए के शावकों के मामले में नया खुलासा हुआ है। तेंदुए के नन्हे शावकों को महंगे दामों पर सरहद के पार गल्फ कंट्री या फिर चीन में बेचने की तैयारी थी, क्योंकि दोनों देशों में तेंदुए और बाघ के बच्चों की मांग रहती है। इसे देखते हुए पुलिस ने जांच का एंगल बदल दिया है।

पुलिस जहां मुख्य आरोपित की तलाश कर रही है, वहीं अंतरराष्ट्रीय गिरोह की भी जांच कर रही है। वहीं वन विभाग के अधिकारियों का भी मानना है कि तेंदुए के नन्हे शावकों का भारत में उपयोग नहीं हो सकता है। यदि ये तस्कर अपने इरादे में सफल हो जाते तो जरूर इस तरह की घटना से नकारा नहीं जा सकता।

वहीं सूत्रों की मानें तो घटना के बाद से फरार मुख्य आरोपित फिरोज की लोकेशन ओडिशा में पाई गई है। वन विभाग की टीम जल्द ही ओडिशा रवाना होगी। वहीं दूसरी तरफ पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस मामले के मुख्य आरोपित फिरोज मेमन की गिरफ्तारी के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।

ज्ञात हो कि 11 सितंबर को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गरियाबंद से दो युवक तेंदुए के शावकों को एक्टिवा से रायपुर ला रहे है। पुलिस और वन विभाग की टीम ने चारों तरफ जाल बिछाकर आरोपितों को अभनपुर के गांव में पकड़कर दोनों तेंदुए के शावक को बरामद किया था।

इसके बाद वन विभाग की टीम दोनों आरोपितों के बताए अनुसार मुख्य आरोपित फिरोज के घर दबिश दी थी, लेकिन वन विभाग की टीम के पहुंचने के पहले वह फरार हो गया था। छापामारी के दौरान फिरोज मेमन के घर की छत पर छिपाकर रखे 14 नग पिंजरे को वन विभाग व डॉग स्क्वॉड की टीम ने बरामद कर लिया। दोनों आरोपितों राकेश निषाद और मो. साबिर को गिरफ्तार किया था।

रायपुर पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपित की है पेट दुकान

पुलिस सूत्रों की मानें तो रायपुर में गिरफ्तार दोनों आरोपित स्टेशन रोड पर पेट की दुकान चलाते हैं। दोनों अपनी दुकान पर कछुआ, लव बर्ड, कुत्ता और अलग-अलग प्रजाति की बिल्ली रखते हैं। सूत्रों का मानना है कि यदि तस्कर अपने मंसूबों में कामयाब हो जाते तो अपनी दुकान में ही उसे छुपाकर रखते और मुख्य आरोपित फिरोज के साथ मिलकर इसे महंगे दामों पर बेच देते, क्योंकि गल्फ कंट्री और चीन में इनकी अधिक मांग है।

फिरोज की दो लोगों से थी पहचान

वन विभाग ने सोमवार को उदंती सीता नदी स्थित गांव से शावकों की तस्करी के मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में से दो लोगों से फिरोज की पहले से ही जान पहचान थी। फिरोज ने इस काम को अंजाम देने के लिए लालच देने की बात सामने आई है। वन विभाग के सूत्रों की माने तो फिरोज मेमन का लोकेशन ओडिशा में मिला है। टीम जल्द से जल्द ओडिशा के लिए रवाना होगी।

- तेंदुए के तस्करी में मामले में अंतर्राष्ट्रीय गिरोह सक्रिय हो सकता है, लेकिन अभी तक बात सामने नहीं आई है। - प्रफुल्ल ठाकुर, एएसपी, रायपुर सिटी