रायपुर। (नईदुनिया प्रतिनिधि)

कंडम वाहन रायपुर जिले की सड़कों पर यमदूत बनकर दौड़ रहे हैं। जिले में 12 लाख से अधिक वाहन चल रहे हैं, जिनमें से लगभग 30 प्रतिशत कंडम हो चुके हैं। सड़क हादसों में लोगों की जान जाने की एक बड़ी वजह कंडम वाहन भी हैं। इनकी वजह से शहर में हर साल 400 से अधिक लोगों की मौत हो रही है। वाहन चालक निर्धारित समय पर वाहनों का फिटनेस टेस्ट नहीं कराते, प्रशासन ऐसे वाहनों पर कार्रवाई नहीं करती। परिवहन विभाग के सूत्रों अनुसार बहुत से वाहनों के दस्तावेज नहीं हैं, फिर भी दौड़ रहे हैं। दूसरी ओर विभाग के अधिकारी का कहना है कि वाहनों की लगातार चेकिंग और कार्रवाई की जा रही है।

राजधानी में सड़क हादसों की मुख्य वजह चालकों की लापरवाही, तेज रफ्तार, यातायात नियमों की अनदेखी और कंडम वाहन हैं। हादसों पर लगाम लगाने के लिए हर साल यातायात विभाग सड़क सुरक्षा अभियान चलाता है, लेकिन यह भी कारगर साबित नहीं हो रहा है। वर्ष 2018 में सड़क हादसों के मामले में रायपुर पूरे छत्तीसगढ़ में अव्वल रहा और दूसरे नंबर पर बिलासपुर। इस वर्ष कोरोना के कारण लगाए गए लाकडाउन के दौरान हादसों की संख्या काफी कम रही।

फिटनेस की जांच कागजों पर

सूत्रों के मुताबिक आरटीओ दफ्तर में वाहनों के फिटनेस की जांच कागजों पर ही हो रही है। विभाग के अनुसार शहर में करीब 30 हजार वाहन बिना फिटनेस व प्रदूषण जांच के फर्राटे भर रहे हैं। इन वाहनों से जहां जान-माल का खतरा बना हुआ है। वहीं सांस संबंधित बीमारी भी फैल रही है।

सड़क पर सख्ती नहीं

सभी जिलों के आरटीओ को परिवहन कानून का सख्ती से पालन कराने के निर्देश हैं, लेकिन सड़कों पर सख्ती नहीं बरती जाती। फिटनेस प्रमाण पत्र के कागजी दावे और जमीनी हकीकत में काफी अंतर है। शहर में यात्री बस, सवारी वाहन जीप, टाटा मैजिक, आटो, पिकअप वैन, मिनीडोर आदि का परिचालन हो रहा है। परिवहन कानून का सख्ती से पालन नहीं होने से आए दिन दुर्घटना हो रही है और लोगों की जान जा रही है।

टैक्स बचाने लिए बसों की फिटनेस जांच नहीं

परिवहन विभाग के सूत्रों के अनुसार परमिट वाली बसों को हर साल फिटनेस जांच कराना अनिवार्य है, लेकिन टैक्स बचाने के लिए बस संचालक न तो न तो यातायात पुलिस के जांच शिविर वाहन भेजते हैं और न ही आरटीओ दफ्तर में जांच करवाते हैं। समय पर गाड़ियों की मरम्मत नहीं करवाने की वजह से आए दिन बसें दुर्घटनाग्रस्त हो रही हैं। कंडम बसों की सख्ती से जांच करने पर निश्चित रूप से सड़क हादसों में कमी आएगी।

फैक्ट फाइल

रायपुर जिले में सड़क हादसे

वर्ष दुर्घटना मृतक घायल

2018 2075 427 1,374

2019 2,146 458 1,581

2020 1,405 379 1046 (अक्टूबर तक)

वर्जन

रायपुर की सड़कों पर करीब 30 हजार वाहन कई महीनों से फिटनेस टेस्ट कराए बिना दौड़ रहे हैं। विभाग ऐसे वाहनों को चिन्हित कर जल्द कार्रवाई करेगी। -शैलाभ साहू, आरटीओ, रायपुर

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वर्जन

वाहन संचालक वाहनों का फिटनेस नहीं करा रहे हैं। कंडम वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं, इस कारण भी सड़क हादसे हो रहे हैं। -सतीश सिंह ठाकुर, डीएसपी (यातायात), रायपुर

Posted By: Nai Dunia News Network

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