रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

धोखाधड़ी के आधा दर्जन से अधिक मामलों में सेंट्रल जेल में बंद पूर्व शराब ठेकेदार सुभाष शर्मा को शुक्रवार को सिविल लाइन पुलिस ने अपने यहां दर्ज जमीन खरीदी के एवज में दिए गए पांच करोड़ के चेक बाउंस मामले में दो दिन का पुलिस रिमांड लिया है। रिमांड अवधि में सुभाष से फर्जीवाड़े के संबंध में पूछताछ कर दस्तावेजी सुबूत जब्त किया जाएगा।

सिविल लाइन थाना प्रभारी यदूमणि सिदार ने बताया कि गुरुमुख विला वीआइपी रोड पुरैना निवासी हरवंश लाल (54) के साथ शराब ठेकेदार सुभाष शर्मा ने धोखाधड़ी की थी। हरवंश लाल ने इसे लेकर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी डॉ. सुमित सोनी की कोर्ट में परिवाद दायर किया था। कोर्ट ने परिवाद पर सुनवाई करते हुए शिकायत सही पाने पर सिविल लाइन पुलिस को ठेकेदार सुभाष शर्मा समेत उसके बेटे विदित शर्मा, आजाद सिंह, उम्मेद सिंह, निर्मलेश्वर प्रसाद शर्मा, दिनेश दायमा, प्रफुल्ल अग्रवाल तथा पंजाब नेशनल बैंक लाल गंगा सिटी मार्ट शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक निखिल चौधरी के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया था। 22 जुलाई को थाने में धोखाधड़ी का केस तो दर्ज कर लिया गया, लेकिन धोखाधड़ी के दूसरे मामलों में सुभाष शर्मा के जेल में होने के कारण गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। शुक्रवार को सिविल लाइन पुलिस ने सीजीएम आनंद प्रकाश दीक्षित की कोर्ट में आवेदन पेशकर अपने यहां दर्ज प्रकरण में पूछताछ, साक्ष्य संकलन के लिए सुभाष शर्मा का दो दिन की पुलिस रिमांड मांगी, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया।

बैंक अधिकारियों से मिलीभगत कर 10 करोड़ का लोन

हरवंशलाल की पुरैना स्थित बेशकीमती जमीन के आम मुख्तियार प्रकाश कलश का शराब ठेकेदार सुभाष शर्मा से मधुर संबंध थे। चार मई, 2013 को हरवंश ने अपनी करोड़ों की बेशकीमती जमीन को बेचने के बारे में चर्चा की तो सुभाष ने विनट्रेड कंपनी के नाम पर जमीन खरीदने की बात कही और जमीन के बदले 4 करोड़ 97 लाख 16 हजार रूपए का पोस्ट डेटेड चेक दिया, जो बैंक में जमा करने पर बाउंस हो गया। इस दौरान सुभाष ने अपनी कंपनी के अन्य भागीदारों और बैंक अधिकारियों से मिलीभगत कर जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसे पीएनबी में बंधक रखकर 10 करोड़ का लोन ले लिया। जब लोन की किश्त का भुगतान नहीं हुआ तो बैंक ने हरवंश को नोटिस भेजा। तब हरवंश ने पतासाजी की तो फर्जीवाड़े का भांडा फूटा। थाने में शिकायत करने पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, तब परेशान होकर हरवंश ने कोर्ट में परिवाद पत्र दाखिल किया था।

अब इनकी होगी गिरफ्तारी

जमीन फर्जीवाड़ा मामले में सुभाष शर्मा के साथ उसके बेटे विदित शर्मा, विनट्रेड कंपनी के संचालक उम्मेद सिंह और सागर, आजाद सिंह, निर्मलेशवर प्रसाद शर्मा, दिनेश दायमा, प्रफुल्ल अग्रवाल, बैंक मैनेजर निखिल चौधरी तथा दमन कुमार सारथी आरोपी बनाए गए है। सुभाष के बाद अब सभी की गिरफ्तारी की जाएगी।

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