रायपुर। Lockdown Effect: कोरोना संक्रमण के चलते किए गए लाकडाउन ने रसोई का बजट भी बिगाड़ दिया है। एक ओर जहां आटा, मैदा, सूजी, बिस्किट आदि की किल्लत शुरू हो गई है। वहीं, मुनाफाखोरों ने खाद्य तेलों के साथ दालों की कीमतों में भी बढ़ोतरी कर दी है। यह देखा जा रहा है कि माहभर पहले जो खाद्य तेल 150 से 170 रुपये लीटर में उपलब्ध था। अभी माहभर में ही उस खाद्य तेल के दाम 170 से 190 रुपये लीटर हो गए है।

वहीं अरहर दाल भी 80 से 100 रुपये किलो से बढ़कर 90 से 110 रुपये किलो हो गई है। यह तेजी विशेषकर फल्ली तेल व सरसों तेल में आई है। राहर दाल के साथ ही चना दाल की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। कारोबारियों का कहना है कि बाजार की हालत नहीं सुधरी तो आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती है।

कारोबारियों की मानें तो अभी दालों के साथ ही गेहूं की आवक भी कम हो गई है। कारोबारियों का कहना है कि अब अगर बाजार नहीं खुले तो आने वाले दिनों में हालत और बिगड़ेगी और कीमतों में और तेजी आएगी।होम डिलीवरी के नाम पर भी इन दिनों मुनाफाखोरी व चोरी-छिपे सामानों की बिक्री बढ़ने लगी है।

फल अभी भी महंगे

फलों की कीमतों में अभी भी महंगाई जारी है। केला 60 रुपये दर्जन, संतरा 150 रुपये किलो, अंगुर 180 रुपये किलो, सेव 200-250 रुपये किलो, कलंदर 30 रुपये किलो बिक रहा है। फल कारोबारियों का कहना है कि इनकी सप्लाई प्रभावित है। इसके चलते ही फलों की कीमतें काफी अधिक है। हालांकि सब्जियों की कीमतों में थोड़ा सुधार हो गया है और बहुत सी सब्जियों के दाम सस्ते हो गए है।

14 पैसे महंगा हुआ पेट्रोल, डीजल का भाव 17 पैसे चढ़ा

इधर बिक्री गिरने के बाद भी अंतरराष्ट्रीय बाजार के प्रभाव से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी आ गई। मंगलवार चार मई को राजधानी रायपुर में पेट्रोल का भाव 14 पैसे व डीजल का 17 पैसे चढ़ा। पेट्रोल 89.02 रुपये प्रति लीटर व डीजल 87.63 रुपये प्रति लीटर बिका।

अनलाक कर व्यवसाय शुरू करने की अनुमति दी जाए-चैंबर

छत्तीसगढ़ चैंबर आफ कामर्स ने मांग की है कि छह मई से अनलाक कर सीमित समय के लिए व्यावसाय शुरू करने की अनुमति दी जाए। इसके लिए चैंबर आफ कामर्स ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखा है। चैंबर अध्यक्ष अमर पारवानी ने कहा कि करीब माह भर से लाकडाउन है। इसकी वजह से प्रदेश में आर्थिक गतिविधियां थम सी गई है। लाकडाउन की वजह से व्यापारी को घर का खर्च, दुकान का किराया, कर्मचारियों का वेतन देना मुश्किल है। इसलिए अब सीमित समय के लिए व्यावसाय शुरू करने की अनुमति दी जाए।

Posted By: Azmat Ali

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