रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन ने 15 जुलाई को नए अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान चालक, सहायक चालक व गार्ड उपवास रहकर ट्रेन चला रहे हैं। लोको पायलटों का यह विरोध अपनी अलग-अलग सातों मांगों को लेकर है। इनमें प्रमुख रूप से रेलवे का निजीकरण बंद करने और माइलेज भत्ता दर सिद्धांत के अनुसार निर्धारित करने का मुद्दा शामिल है। इसके अलावा वे चाहते हैं कि एक जनवरी, 2016 से पहले सेवानिवृत्त रनिंग स्टाफ की पेंशन विसंगति दूर हो, छठवीं सीपीसी में नियुक्त (एक जनवरी 2016 से पूर्व) एएलपी की वेतन कटौती बहाल की जाए, जुलाई 2016 के बाद पदोन्नत लोको पायलट का सातवें सीपीसी में वेतन निर्धारण पदोन्नति के बाद किया जाए। औसत रनिंग भत्ते की संशोधित दर लागू कर बकाया भुगतान शीघ्र हो और न्यू पेंशन स्कीम रद कर पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करना प्रमुख मुद्दा है। इन मांगों को लेकर एसोसिएशन लंबे समय से अलग-अलग तरीके से विरोध जता रहा है।

ज्ञात हो कि ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ की देशव्यापी हड़ताल में रायपुर रेल मंडल में 1400 और जोन स्तर पर करीब आठ हजार लोकोपायलट सहायक और गार्ड शामिल हैं। उन्होंने अपनी मांग को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है। रेल अफसरों ने रनिंग स्टाफ से बातचीत कर समस्या का समाधान करने का एसोसिएशन के पदाधिकारियों को न्योता दिया है। रायपुर रेलवे मंडल द्वारा भिलाई स्थित लॉबी में कंट्रोल रूम बनाया है। लॉबी में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और लोको इंस्पेक्टर तैनात होकर लोकोपायलटों की काउंसिलिंग कर रहे हैं।

विरोध प्रकट करने का तरीका बिल्कुल अलग

लोकोपायलटों ने विरोध करने का नायाब तरीका अपनाया है। लोकोपायलटों के इस निर्णय से रेल सेवा किसी प्रकार से बाधित नहीं हो रही है, इससे यात्री भी सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। लोको पायलट सुजीत कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने सुबह 11 बजे से 24 घंटे अन्न नहीं खाया है। उन्होंने बताया कि अभी तक किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हो रही है, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता जाएगा, दिक्कतें बढ़ती जाएंगी। वहीं पदाधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में 100 किलोमीटर के बाद किलोमीटर एनाउंस रेट 523 रुपये मिलता है, जबकि 748 रुपये मिलना चाहिए। लोकोपायलट को सिर्फ नौ घंटे काम करना है, लेकिन 12 घंटे से अधिक काम कराया जा रहा है।

वर्जन

लोकोपायलट अपनी मांगों को लेकर सांकेतिक हड़ताल कर रहे हैं। उनके लिए भिलाई स्थित लॉबी में कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां पर कांउसिंलिंग की जा रही है।

- तन्मय मुखोपाध्याय, सीनियर डीसीएम, रेलवे मंडल, रायपुर।