रायपुर। साहब ... 23 अप्रैल को लोकसभा का चुनाव है और इसी दिन मेरी शादी हो रही है। जानकारी मिल रही है कि आदर्श आचार संहिता के दौरान बैंड-बाजे पर प्रतिबंध है तो क्या मेरी शादी में बैंड नहीं बज पाएगा? इस तरह शादी समारोह में बैंड-बाजे को लेकर चिंतित दूल्हे के सवाल पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू भी पिघल गए।

उन्होंने तत्काल दुर्ग के कलेक्टर से अनुमति देने की सिफारिश कर डाली। मौका था नईदुनिया दफ्तर में आयोजित हैलो नईदुनिया कार्यक्रम का, जिसमें गुस्र्वार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू लोकसभा चुनाव को लेकर आम लोगों की समस्या सुन रहे थे। उन्होंने कइयों की समस्या का तत्काल निराकरण किया और जिज्ञासा शांत की।

इसी दौरान दुर्ग से बृजेश साहू ने भी फोन करके कहा कि उनकी शादी 23 अप्रैल को है। बैंड-बाजे पर प्रतिबंध होने से उन्हें डर सता रहा है कि कहीं दिक्कत न हो। सवाल सुनकर सुब्रत साहू ने आश्वासन दिया कि उन्हें अनुमति मिल जाएगी। इसके बाद निर्वाचन अधिकारी ने दुर्ग के कलेक्टर अंकित आनंद को फोन पर इस केस की जानकारी देते हुए अनुमति देने के लिए कहा है।

इसलिए बैंड पर प्रतिबंध

बता दें कि चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के प्रभाव से शादी समारोह भी अछूते नहीं हैं। दरअसल आयोग का मानना है कि शादी-बारात में राजनीतिक दलों के नेता और प्रत्याशी भी शिरकत कर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकते हैं। ऐसे में यदि किसी शादी में नेता व प्रत्याशी शिरकत करते हैं तो वे भी संहिता के दायरे में आते हैं।

निर्वाचन अधिकारी का कहना है कि शादी में देर रात तक निकाली जाने वाली बारात व बजाए जाने वाले डीजे व बैंड बाजों के लिए निर्वाचन कार्यालय से इजाजत लेनी होगी। इसी के साथ बारात में आर्म्स व अन्य हथियारों के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा।