रायपुर। लोकसभा चुनाव के लिए शनिवार को दिल्ली में छत्तीसगढ़ के प्रत्याशियों का नाम तय होगा। प्रत्याशी तय करने के लिए राहुल ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल और प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया के अलावा मंत्री टीएस सिंहदेव को भी दिल्ली बुला लिया है। शुक्रवार को जब राहुल गांधी एयरपोर्ट से बाहर निकले तो कई दावेदारों और उनके समर्थकों ने शक्ति प्रदर्शन किया।

कांग्रेस ने अब तक उत्तरप्रदेश के प्रत्याशियों की दो और महाराष्ट्र व गुजरात की एक-एक सूची जारी कर दी है। शुक्रवार शाम को राहुल ने मध्यप्रदेश के प्रत्याशी तय करने के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ बैठक की। शनिवार को छत्तीसगढ़ की बारी है।

प्रदेश चुनाव समिति के अध्यक्ष व छत्तीसगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष बघेल ने केंद्रीय चुनाव समिति को पैनल बनाकर पहले ही सौंप दिया है। केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में छत्तीसगढ़ प्रभारी पुनिया अपनी सर्वे रिपोर्ट अलग लेकर बैठेंगे।

पुनिया ने प्री-रिकॉर्डेड कॉल के माध्यम से सभी लोकसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं को फोन कराकर उनकी पसंद पूछी है। राहुल पहले से पैनल में आए नामों को देखेंगे। उसके बाद पुनिया अपनी सर्वे रिपोर्ट उनके सामने रखेंगे। दोनों सूची का मिलान राहुल अपने सर्वे रिपोर्ट से करेंगे। राहुल ने रिसर्च विभाग की टीम को छत्तीसगढ़ के सभी लोकसभा सीटों पर भेजकर सर्वे कराया है।

इसके अलावा उन्होंने शक्ति एप के जरिये कार्यकर्ताओं से उनकी पसंद जानी है। पार्टी के विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि जो नाम सभी में होगा, उसे ही प्रत्याशी बनाया जाएगा। इसी प्रक्रिया से विधानसभा चुनाव में राहुल ने प्रत्याशी तय किए थे। इस कारण दावेदारों को पहले से प्रक्रिया पता है, लेकिन उसके बावजूद उन्होंने रायपुर एयरपोर्ट में राहुल के सामने अपने समर्थकों को ले जाकर ताकत दिखाने की कोशिश की।

स्वागत में छोड़ दिया अमितेष का नाम

राहुल के होटल पहुंचने से पहले ही पार्टी के प्रदेश महामंत्री राजेश तिवारी ने मंच से स्वागत करने वालों का नाम लिया और उन्हें बाहर गेट पर पहुंचने के लिए कहा। स्वागत के लिए मंत्री कवासी लखमा, डॉ. शिवकुमार डहरिया, अनिला भेंड़िया, गुस्र् स्र्द्र कुमार, विधायक सत्यनारायण शर्मा, कुलदीप जुनेजा, विकास उपाध्याय, शहर जिलाध्यक्ष गिरिश दुबे, ग्रामीण जिलाध्यक्ष नारायण कुर्रे का नाम पुकारा, लेकिन मंच के सामने ही विधायक अमितेष शुक्ल बैठे थे, उनका नाम नहीं लिया।

राहुल के साथ सिंहदेव की जगह बघेल ओडिशा गए

रायपुर से राहुल के साथ ओडिशा के प्रदेश प्रभारी होने के नाते मंत्री टीएस सिंहदेव ओडिशा जाएंगे, पहले यह कार्यक्रम बना था, लेकिन सिंहदेव की जगह मुख्यमंत्री व पीसीसी अध्यक्ष बघेल ओडिशा चले गए। दरअसल, पहले सिंहदेव केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में शामिल नहीं होने वाले थे, लेकिन राहुल ने एयरपोर्ट पहुंचकर उन्हें दिल्ली आने के लिए कहा।

सिंहदेव को दिल्ली जाने की तैयारी करनी थी, तो वे रूक गए। ओडिशा के बरगढ़ में राहुल और बघेल ने चुनावी सभा को सम्बोधित किया। दोनों रायपुर लौटे और यहां से राहुल के साथ प्रदेश प्रभारी पुनिया दिल्ली गए। शाम की फ्लाइट से बघेल और सिंहदेव रवाना हुए।

राहुल ने तीन मुद्दों पर मोदी को घेरा

एयरपोर्ट में राहुल ने मीडिया से बात की, उन्होंने कहा कि देश में अभी तीन मुद्दा है। पहला बेरोजगारी का, जिसमें मोदी फेल हो गए। दूसरा, भ्रष्टाचार का। राफेल सौदे में 30 हजार करोड़ मोदी ने अंबानी की जेब में डाल दिए। सीबीआइ डायरेक्टर को रात को डेढ़ बजे पद से हटा दिया। तीसरा, किसानों का है।

छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने केवल दो दिन में किसानों का कर्ज माफ कर दिया। मोदी पांच साल से रोजाना किसानों की बात करते हैं, लेकिन उनकी मांगों को पूरा नहीं किया। किसानों के बीमा का पैसा अंबानी जैसे कुछ बड़े लोगों की जेब में डाल दिया। कांग्रेस नेता टॉम वड़क्कन के कांग्रेस छोड़ने पर राहुल ने कहा कि वे बड़े नेता नहीं हैं।

स्वास्थ्य के अलावा शिक्षा और रोजगार पर फोकस

राहुल ने सर्व जन स्वास्थ्य का अधिकार परिचर्चा में यह भी कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर स्वास्थ्य के अलावा शिक्षा और रोजगार को भी फोकस किया जाएगा। सकल घरेलू उत्पाद का छह फीसद शिक्षा पर खर्च करने की बात कही। उन्होंने कहा कि इन तीनों के विकास से ही देश का विकास संभव है।