रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। Jagannath Rath Yatra 2022: अत्यधिक स्नान करने के कारण भगवान जगन्नााथ 14 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा पर अस्वस्थ हुए थे। 15 दिनों से मंदिरों के पट बंद थे और भगवान एकांतवास में निवास कर रहे थे। भगवान को स्वस्थ करने के लिए प्रतिदिन औषधियुक्त काढ़ा पिलाया गया। बुधवार को सुबह अमावस्या तिथि पर काढ़ा पिलाने की अंतिम रस्म के बाद शाम को भगवान के नेत्र खोलने की परंपरा निभाई गई। पुरानी बस्ती, सदरबाजार के मंदिरों में आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा गुरुवार को नेत्रोत्सव मनाया जाएगा। द्वितीया तिथि पर शुक्रवार को भगवान जगन्नााथ, भैया बलदेव और बहन सुभद्रा प्रजा से मिलने के लिए रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे।

गायत्री नगर में तीन रथ

गायत्री नगर स्थित जगन्नााथ मंदिर के संस्थापक पुरंदर मिश्रा ने बताया कि बुधवार को भगवान ने नेत्र खोलें पुजारी के सान्निाध्य में चांदी की सलाई से भगवान के नेत्रों में काजल लगाने की परंपरा निभाई गई। 30 जून को भगवान का जनदर्शन मनाया जाएगा। एक जुलाई को भगवान की प्रतिमा को गर्भगृह से बाहर निकालकर रथ पर विराजित किया जाएगा। राज्यपाल अनुसूइया उइके, विधानसभा अध्यक्ष डा.चरणदास महंत एवं अन्य मंत्रीगण रथ के आगे स्वर्णयुक्त झाड़ू से बुहारने की परंपरा निभाएंगे। इसे छेरा-पहरा रस्म कहा जाता है। इस परंपरा के बाद तीन रथ पर भगवान अपने भाई-बहन के साथ नगरभ्रमण पर निकलेंगे। सबसे आगे रथ पर भैया बलदेव, दूसरे रथ पर बहन सुभद्रा और अंतिम रथ पर भगवान जगन्नााथ विराजित होंगे। यात्रा शंकरनगर, बीटीआइ मैदान होते हुए वापस मंदिर पहुंचेगी। मंदिर के नीचे स्थित गुंडिचा मंदिर में भगवान नौ दिन विश्राम करेंगे। इसे मौसी का घर कहा जाता है।

पुरानी बस्ती, टुरी हटरी

टुरी हटरी, पुरानी बस्ती स्थित 500 साल पुराने जगन्नााथ मंदिर में महंत रामसुंदरदास के नेतृत्व में अभिषेक, हवन-पूजन के बाद दोपहर तीन बजे रथयात्रा निकाली जाएगी। यात्रा लोहार चौक, अमीनपारा थाना, कंकाली तालाब, आजाद चौक, आमापारा होते हुए लाखेनगर गुंडिचा मंदिर पहुंचेगी।

सदरबाजार

सदरबाजार स्थित 150 साल पुराने जगन्नााथ मंदिर में पुजारी परिवार के नेतृत्व में पूजन के बाद गाजे-बाजे के साथ यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा कोतवाली चौक, कालीबाड़ी होते हुए टिकरापारा पुजारी पार्क के समीप गुंडिचा मंदिर में समाप्त होगी। लिली चौक के पुजारी पं.संजय जोशी ने बताया कि बुधवार को भजन-कीर्तन किया गया। गुरुवार को नेत्रोत्सव और शुक्रवार को यात्रा निकाली जाएगी।

सात अन्य जगहों से यात्रा

इसके अलावा चौथी यात्रा कोटा स्थित श्रीरामदरबार परिसर, पांचवीं अश्विनी नगर, छठी गुढ़ियारी, सातवीं आकाशवाणी कालोनी, आठवीं पुराना मंत्रालय, नौवीं लिली चौक और 10वीं यात्रा आमापारा नगर निगम कालोनी से निकलेगी। गजा-मूंग का प्रसाद लेने और भगवान का रथ खींचने के लिए श्रद्धालुओं में उत्साह छाएगा।

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