रायपुर। लोग तवे से रोटी बेलते हैं और ये तवे को अपने हाथों से मोड़ देते हैं। लोहे की मजबूत रॉड मोड़नी हो या हजारों पन्ने की मोटी किताब को अपनी अंगुलियों के दम पर बीच से फाड़ देना, इन्हें जरा सा ही समय लगता है। इनकी भुजाओं में इतना बल है, कि ये कार को भी पलट देते हैं। दरअसल हम बात कर रहे हैं एशिया के सबसे ताकतवर इंसान मनोज चोपड़ा की।

मूलत: रायपुर के रहने वाले मनोज पहले भारतीय हैं, जिन्होंने साल 2014 में वर्ल्ड स्ट्रांगेस्ट मैन कॉम्पिटिशन में भाग लिया। 219 देशों के शामिल प्रतिभागियों में मनोज को 14वां स्थान मिला था। इसी के साथ मनोज को एशिया के सबसे स्ट्रांगमैन के नाम से भी पहचान मिला। नईदुनिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि साल 1996 में एक स्पोर्ट्स चैनल में वर्ल्ड स्ट्रांगेस्ट कॉम्पिटिशन देख रहा था। उसमें हिन्दुस्तान का झंडा न देखकर उन्हें बुरा लगा।

तभी यह निर्णय लिया कि वे इस कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेंगे और भारत का नाम ऊंचा करेंगे। 9 साल की कड़ी मेहनत के बाद मनोज ने कनाडा में हुए स्पर्धा में 14वां स्थान हासिल कर देश का नाम रौशन किया। फिलहाल वे ट्रेक्टर और कार को अलगअलग तरीके से उठाकर चलने की तैयारी में लगे हुए हैं। 200 जेलों में कर चुके हैं प्रोग्राम अपनी फिटनेस को लेकर अवेयर रहने वाले मनोज कई देशों की जेलों में 200 से अधिक प्रोग्राम दे चुके हैं।

ऐसी की तैयारी

एशिया के सबसे पॉवरफुल इंसान के नाम से पहचाने जाने वाले मनोज बताते है कि उन्होंने इंटरनेट का सहारा लेकर इसकी तैयारी शुरू की। इसके साथ ही जीम स्टार्ट किया। जहां कड़ी मेहनत करने के साथ ही यू-ट्यूब में स्ट्रांग कैसे बना जाए, इसके वीडियोज देखा करते थे। क्योंकि इस कॉम्पिटिशन में हमारे देश से किसी ने हिस्सा नहीं लिया था। इसलिए चुनौतियां भी काफी थी।

ये है इनकी डाइट

स्ट्रांग मैन मनोज की हाइट 6 फीट 6 इंच और वजन 170 किलो है। उसे पंजाबी खाना बहुत पसंद है। वह एक दिन में 10 से 12 बार खाना खा लेते हैं। मनोज को पहले नॉनवेज पसंद था, लेकिन अब उन्होंने अपनी डाइट बदलकर वेज खाना शुरू कर दिया है। इसके अलावा वे फल का भी समय-समय पर सेवन करते हैं।

नशे से दूरी

मनोज कहते हैं कि नशा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। सिगरेट और गुटखा में यह लिखा होता है फिर भी लोग नशा करते हैं। उन्होंने नशे से दूरी बनाकर रखी। दूसरों को नशे से दूर रहने जागरूक भी करते हैं।

Posted By: Prashant Pandey