रायपुर। नक्सलियों की मैनपुर डिविजन कमेटी ने 17 अप्रैल को गरियाबंद और धमतरी जिले में अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में बंद का ऐलान किया है। नक्सलियों ने आम चुनाव के लिए इस दिन होने वाले मतदान का भी बहिष्कार करने का आह्वान किया है। साथ ही उन्होंने सुरक्षाबलों, मतदान दलों, निजी वाहन चालकों के लिए चेतावनी भी जारी की है। विशेष रूप से मतदान कर्मियों को सुरक्षाबलों व पुलिस फोर्स के साथ वाहन में बैठक कर सफर न करने की अपील करते हुए बलि का बकरा न बनने की अपील की है।

नक्सलियों की मैनपुर डिविजन कमेटी के प्रवक्ता रामचंद्र मांझी के नाम से इस संबंध में एक ऑडियो टेप ई-मेल के जरिए भेजा गया है। करीब सात मिनट के इस टेप में 17 अप्रैल को बंद और चुनाव बहिष्कार के साथ ही सीतानदी-उदंती अभयारण्य का भी विरोध किया गया है।

माओवादी प्रवक्ता ने कहा है कि अभयारण्य के नाम पर सैकड़ों की संख्या में आदिवासी और गैर-आदिवासियों को विस्थापित किया जा रहा है। अभयारण्य का क्षेत्र आमामोरा तक बढ़ाते हुए सरकार चंद बाघों के लिए सैकड़ों करोड़ रुपए खर्च कर रही है और क्षेत्र की जनता दाने-दाने के लिए मोहताज है। नक्सली प्रवक्ता ने कहा है कि कोई भी राजनीतिक पार्टी जनता का प्रतिनिधित्व नहीं करती, बल्कि पार्टियां जमींदारों और विदेशी पूंजीपतियों का प्रतिनिधित्व करती हैं। इन्हीं से मिलने वाले चंदे के दम पर चुनाव लड़ती हैं। इन चुनावों में 87 फीसदी पैसा इन्हीं कंपनियों और पूंजीपतियों का लगता है। रामचंद्र ने कहा है कि इन चुनावों से सरकारें बदलती हैं, व्यवस्था नहीं बदलती।

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