अनूप श्रीवास्तव, रायपुर। Raipur News : छत्तीसगढ़ स्थापना से लेकर अब तक देश की सरहद और नक्सली मोर्चे पर शहीद होने वाले प्रदेश के जवानों का नाम आपको भिलाई के सेक्टर-5 में पढ़ने को मिल जाएगा। यहां उनकी शहादत की गाथा का वर्णन किया जाएगा। सात एकड़ क्षेत्र में सात करोड़ की लागत से शहीद उद्यान में वाल आफ आनर बनाया जा रहा है, जिस पर शहीदों का नाम उकेरा जा रहा है। आगामी 26 जनवरी को इसका उद्धाटन किया जाएगा। इस पार्क को निजामों के शहर हैदराबाद के 'लुम्बिनी" पार्क की तर्ज पर बनाया जा रहा है।

बता दें कि भिलाई के सेक्टर-5 में शहीद भगत सिंह के नाम पर छत्तीसगढ़ का पहला सर्व सुविधायुक्त उद्यान बनाया जा रहा है। इस उद्यान में 36 प्रकार के फूल और पौधे लगाए जा रहे हैं, जिसमें ग्रीन बेम्बोे, पास्टर पाम, रायल पाम, केनावेरीग्रेटेड, एल्फेनिया, एल्फोनिया, अस्र्ण, सोनपत्ता, जाम, चंपा, किन्नी, ब्लेक लिली, स्पाइडर लिली, ग्रीन लिली, कैरमबाल, पेंडानाश, शो पत्ती, तिल्वर पाम, झरमी, कनेर समेत अन्य प्रजाति के पौधे और फूल लगाए जा रहे हैं, जो इस उद्यान की खूबसूरती बढ़ाएंगे।

इसके अलावा म्यूजिकल फाउंटेन, नान म्यूजिक फाउंटेन, बच्चों के लिए झूला, जिम भी इस पार्क की खूबसूरती का अंग होगा। इसके अलावा यहां 100 फीट ऊंचा तिरंगा, शहीद भगत सिंह की 25 फीट ऊंची प्रतिमा, दीवारों पर भारत माता, छत्तीसगढ़ महतारी के साथ ही शहीदों की प्रतिमाएं बनाई जा रही है। यहां नौका विहार का भी पर्यटक मजा उठाएंगे। इन पर्यटकों की सुरक्षा सीसी टीवी कैमरा से होगी, जिससे इस उद्यान में आने वालों को किसी भी प्रकार दिक्कतें ना हो। वहीं पार्क में एक दर्जन स्थानों पर पाथवे बनाए जा रहे हैं, जिसमें पेवर ब्लाक लगाए जा रहे हैं, जिससे इस उद्यान में लोग सैर सपाटा भी कर सकेंगे।

हैदराबाद के लुम्बिनी पार्क की तर्ज पर हो रहा निर्माण

भिलाई का सेक्टर-5 उद्यान को निजामों के शहर हैदराबाद में स्थित विख्यात 'लुम्बिनी" पार्क की तर्ज पर बनाया जा रहा है। यह जानकारी देते हुए सेक्टर-5 के पार्षद नीरज पाल ने बताया कि यह उद्यान सात एकड़ में सात करोड़ स्र्पए की लागत से निर्माण किया जा रहा है, 26 जनवरी को इसका उद्घाटन करने की पूरी तैयारी है।

भिलाई नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी पीसी सार्वा ने बताया कि हैदराबाद के लुम्बिनी पार्क की तर्ज पर सेक्टर-5 में शहीद उद्यान बनाया जा रहा है। यह शहीद उद्यान राज्य का पहला उद्यान होगा, जिसमें वाल आफ आनर पर छत्तीसगढ़ स्थापना से लेकर अब तक देश की सरहद और नक्सल मोर्चे पर शहीद होने वाले प्रदेश के जवानों का नाम लिखा जाएगा।

Posted By: Shashank.bajpai

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