रायपुर। नईदुनिया, राज्य ब्यूरो । झीरम घाटी में नक्सली हमले में मारे गए कांग्रेस नेताओं को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अन्य नेताओं ने राजीव भवन में श्रद्घांजलि दी। तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष स्व.नंदकुमार पटेल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता स्व.विद्याचरण शुक्ल, स्व.महेंद्र कर्मा सहित अन्य की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किया गया।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि झीरम घाटी में एक राजनीतिक नरसंहार किया गया। शहीद आत्माओं को अभी तक न्याय नहीं मिला है। झीरम घाटी कांड के षड्यंत्र की सच्चाई को सब जानना चाहते हैं। सात साल पहले हमारे पहली पंक्ति के नेता शहीद हुए। हमारे सुरक्षाकर्मी और बड़ी संख्या में आम नागरिक भी शहीद हुए थे। आज का दिन हम भूल नहीं सकते हैं। प्रदेश के सभी शासकीय और अर्धशासकीय कार्यालयों में झीरम श्रद्धांजलि दिवस मनाया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एनआइए को पूर्व की राज्य सरकार ने जो जांच सौंपा था, उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट पूरी करके सौंप दी है। लेकिन जो झीरम घाटी कांड में षंडयंत्र हुआ है, उसके बारे में कोई जांच नहीं हुई। जो नक्सली पकड़े गये हैं, एनआइए ने आत्मसमर्पित नक्सलियों का बयान नहीं लिया। जो घटना स्थल पर थे, उनसे भी बयान नहीं लिया गया। फूलोदवी नेताम सहित झीरम में घटना स्थल पर उपस्थित साथियों के भी बयान एनआइए ने नहीं लिया। एनआइए जांच ही अधूरी है। इस मामले में जांच पूरी हो, सबका बयान हो, जो तथ्य हैं, सामने आने चाहिए।

नक्सलियों ने की थी हमारे राजनीतिक साथियों की हत्या : डॉ रमन

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा कि आज का दिन इतिहास के पन्नों में काले अध्याय के रूप में जाना जाता है। आज के दिन ही नक्सलियों ने हमारे राजनीतिक साथियों की हत्या की थी। हमने अपने अच्छे मित्रों को खो दिया। मैं आज अपने सभी शहीद साथियों को श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं।

जेब में साक्ष्य लेकर घूमने वाले क्यों नहीं पूरी करा रहे जांच : कौशिक

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि जिस समय झीरम की घटना हुई, उस समय केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी और तत्कालीन गृहमंत्री ने एनआइए जांच का निर्देश दिया। कांग्रेस का यह कहना कि केंद्र में भाजपा की सरकार है, इसलिए जांच में विलंब हो रही है। कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में क्यों जांच पूरी नहीं कराई। जांच पूरी करा लिए होते तो किसी को दोष देने का अवसर नहीं मिलता। डेढ साल से प्रदेश में सरकार है, पहले जेब में साक्ष्य लेकर घूमते थे, तो फिर अब क्यों पेश नहीं करते हैं। अपनी कमजोरी को छिपाने के लिए केंद्र के ऊपर दोष मढ़ना उचित नहीं है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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