रायपुर । जंक फूड और पेस्टीसाइड्स (कीटनाशक) युक्त खाद्य पदार्थों के कारण कैंसर का खतरा बढ़ गया है। पंजाब एक ऐसा राज्य है, जहां कैंसर को नोटिफिकेशन डिजीज घोषित किया जा चुका है। वजह यह है कि वहां खेती में सबसे ज्यादा कीटनाशक का प्रयोग किया जाता है।

यह बात डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल स्थित क्षेत्रीय कैंसर संस्थान और पं.जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय कैंसर कांफ्रेस के पहले दिन निकलकर सामने आई। विषेषज्ञों ने कहा कि 50 से 60 प्रतिशत कैंसर को जीवनशैली और खानपान में बदलाव करके रोका जा सकता है।

शनिवार को अस्पताल के टेलीमेडिसीन हॉल में कांफ्रेस का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने किया, जिसमें एसोसिएशन ऑफ रेडिएशन आंकोलॉजिस्ट्स ऑफ इंडिया के मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और गुजरात चेप्टर के ढाई सौ कैंसर विशेषज्ञ, रेडिएशन, मेडिकल और सर्जिकल आंकोलॉजिस्ट हिस्सा ले रहे हैं।

इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने क्षेत्रीय कैंसर संस्थान की न सिर्फ जमकर तारीफ की, बल्कि कहा कि संस्थान के संचालक डॉ. विवेक चौधरी की मेहनत से 11 साल में राज्य में कैंसर से संबंधित सभी सुविधाएं उपलब्ध हुई हैं। मुख्यमंत्री ने डॉ. चौधरी द्वारा लिखित और कांफ्रेंस आयोजन समिति द्वारा प्रकाशित स्मारिका- 2014 'भारत भारतीय और कैंसर' का विमोचन भी किया।

डॉ. सिंह ने कहा कि बिलासपुर और मनेंद्रगढ़ में राज्य स्तरीय कैंसर अनुसंधान संस्थान खोले जाने की घोषणा की गई है, जिससे प्रदेश समेत आसपास के राज्यों की गरीब जनता को लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, अवर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अजय सिंह, डीएमई डॉ. सुबीर मुखर्जी, डीन डॉ. अशोक चंद्राकर मौजूद थे। कैंसर चिकित्सा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्यों के लिए इंदौर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रोफेसर डॉ. एमएस गुजराल को 'लाइफटाइम एचीवमेंट अवार्ड' से सम्मानित किया गया।

सर्वाइकल कैंसर से बचाव संभव

राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट और रिसर्च सेंटर सीनियल कंसल्टेंट और मेडिकल आंकोलॉजिस्ट डॉ. सुनील गुप्ता ने महिलाओं में दिनों-दिन बढ़ते सर्विक्स या सर्वाइकल कैंसर का शिकार हो रही हैं। अगर परिवार में किसी महिला को सर्वाइकल कैंसर है तो एचपीवी वैक्सीन लगवाकर ह्यूमन पैपीलोमा वायरस के संक्रमण से बचा जा सकता है। पैप स्मीयर जांच से गर्भाशय के कैंसर को न केवल शुरुआती अवस्था में पकड़ा जा सकता है, बल्कि इसका सौ प्रतिशत उपचार संभव है।

Posted By:

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close