रायपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमितों के इलाज में लगी टीम के लगातार संक्रमित होने के मामले सामने आ रहे हैं। इसे लेकर इलाज को लेकर पर्याप्त प्रशिक्षण का अभाव और पीपीई किट की गुणवत्ता में कमी की बात सामने आ रही है। आपको बता दें कि सोमवार को आंबेडकर अस्पताल की नर्सिंग स्टाफ, धमतरी में नर्सिंग स्टाफ कोरोना पॉजिटिव मिले। इससे पहले एम्स नर्सिंग स्टाफ, बिलासपुर कोविड-19 अस्पताल से महिला चिकित्सक संक्रमित हो चुकी हैं। वहीं इलाज के बाद क्वारंटाइन होने वाले चिकित्सा कर्मियों में लक्षण नजर आने शुरू हो गए हैं। मामले में छत्तीसगढ़ मेडिकल एसोसिएशन के निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. महेश सिन्हा ने कहा कि जिस तरह से प्रदेश में इलाज के दौरान चिकित्सा कर्मी संक्रमित हो रहे हैं। इसमें सुरक्षा के पर्याप्त उपकरण का न होना और पीपीई किट की गुणवत्ता बड़ा कारण है।

चिकित्सा कर्मियों द्वारा लगातार शिकायत मिल रही है कि पीपीई किट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। जो दी जा रही हैं, उनमें कई किट पहनते समय या बाद में फट रही हैं। डॉ. सिन्हा ने सवाल उठाते हुए कोरोना मरीजों के इलाज के दौरान चिकित्सा कर्मियों को सुरक्षा के उपकरण सुनिश्चित करने की बात कही। इधर अस्प्ताल बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता ने भी कोविड-19 के मरीजों को इलाज के दौरान चिकित्सकीय कर्मियों को पर्याप्त प्रशिक्षण और गुणवत्ता पूर्ण पीपीई किट उपलब्ध कराने की मांग की है। मामले को लेकर स्वास्थ्य संचालक नीरज बंसोड़ को कॉल किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।

पीपीई किट की गुणवत्ता में किसी तरह से समझौता नहीं किया जा रहा है। हमारे चिकित्सा विशेषज्ञ किट को बाकायदा जांच के बाद ही उपयोग के लिए देते हैं। चिकित्सक से लेकर नर्सिंग स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया है। मैं सभी से अपील करना चाहता हूं कि एहतियात बरतें और सुरक्षित रहें। - डॉ. करन पीपरे, अधीक्षक, एम्स

कोविड-19 के संदेहियों और मरीजों की जांच और इलाज के लिए चिकित्सक से लेकर नर्सिंग स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया है। पीपीई किट की उपलब्धता भी पर्याप्त है। हां पहनने या किसी कारण से कुछ किट फट जाती हैं, लेकिन गुणवत्ता में किसी तरह की कमी नहीं देखी गई है। जहां तक मेडिकल स्टाफ के संक्रमित होने का सवाल है तो सिर्फ छत्तीसगढ़ में नहीं अन्य प्रदेशों में भी डॉक्टर, नर्स संक्रमित हुए हैं। हमने सभी को सावधानी बरतने के लिए कहा है। डॉ. अरविंद नेरल, विभागाध्यक्ष, माइक्रोबायोलॉजी, आंबेडकर अस्पताल

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

जीतेगा भारत हारेगा कोरोना
जीतेगा भारत हारेगा कोरोना