बिलासपुर। बिलासपुर शहर कांग्रेस कमेटी के बैनर तले रविवार को कांग्रेस भवन में दिग्गज कांग्रेसी नेताओं के अलावा अनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारियों की बैठक बुलाई गई थी। चुनाव जीतने कांग्रेसी मंत्र बताते इसके पहले ही आपस में भिड़ गए। माहौल उस समय और भी खराब हो गया जब कांग्रेस भवन में हाल में महिला नेत्रियां बैठी हुई थीं और सीनियर कांग्रेसी नेता गाली-गलौज करने लगे। लाठीचार्ज की घटना के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर कांग्रेस भवन को पार्टी का पवित्र स्थान बताया था। इसी जगह पर दिग्गज कांग्रेसी नेताओं ने आज सारी मर्यादा को लांघ दिया है।

टिकट वितरण के साथ शुरू हुआ विवाद

कांग्रेस ने बिलासपुर शैलेष पांडेय को उम्मीदवार बनाया है। इससे टिकट के दौड़ में शामिल कांग्रेसी नेता व समर्थकों की दूरी बढ़ने लगी है। टिकट वितरण की घोषणा होते ही जिस तरह कांग्रेस भवन में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री अटल श्रीवास्तव समर्थकों ने तोड़फोड़ की थी उसके बाद से ही यह लगने लगा था कि यह विवाद चुनाव तक जारी रहेगा। दूसरे दिन दो नवंबर को नामांकन दाखिले के अंतिम दिन शैलेष पांडेय के नामांकन में अटल श्रीवास्तव, अशोक अग्रवाल व समर्थकों ने कलेक्टोरेट पहुंचकर संदेश देने की कोशिश की अब सब ठीक हो गया है। रविवार को कांग्रेस भवन में हुई घटना ने इन नेताओं की सच्चाई कांग्रेस के पदाधिकारियों के सामने खुलकर सामने आ गई है।

देखता हूं चुनाव कैसे जीतोगे

कांग्रेस भवन में चुनावी रणनीति बनाने के लिए बैठक रखी गयी थी। सभी दिग्गज कांग्रेसी नेता तय समय दोपहर 12 बजे पहुंच चुके थे और कांग्रेस प्रत्याशी पांडेय के आने का इंतजार कर रहे थे। पांडेय उस वक्त जनसंपर्क में व्यस्त थे। कांग्रेस भवन पहुंचे तो बातचीत के दौरान उन्होंने अशोक अग्रवाल से फोन नहीं उठाने की शिकायत की। इसे से शुरू हुआ बातचीत का सिलसिला विवाद में बदल गया। अग्रवाल तैश में आ गए और फिर दोनों के बीच जमकर विवाद हो गया। गाली-गलौज के बीच अग्रवाल ने पांडेय को चुनौती देते हुए कहा कि देखता हूं चुनाव कैसे जीतोगे। तैश में वे मीटिंग छोड़कर बाहर निकल गए।

राहुल और भूपेश बघेल के गुलाम नहीं

पीसीसी महामंत्री अटल श्रीवास्तव के बोलने की बारी आई तो उन्होंने सीधे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल पर निशाना साध दिया। कहा कि हम राहुल और भूपेश बघेल के गुलाम नहीं हैं। मुझे इस बात को लेकर गुस्सा आता है कि बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं की बात नहीं मानी गई। जिसने आवेदन नहीं किया उनको टिकट दे दिया गया। पहले राहुल ने कहा कि पैराशूट नहीं चलेगा,बिलासपुर में क्या हुआ। पैराशूट को टिकट दे दिया गया है।

ये कैसा संकल्प, प्रत्याशी नहीं कांग्रेस के लिए करेंगे काम

टिकट कटने का खीझ श्रीवास्तव भी दबा नहीं पाए। उन्होंने कहा कि मंत्री अमर अग्रवाल और भाजपा को हराने के लिए हम काम करेंगे। हमें किसी और से कोई लेना देना नहीं है। हम कांग्रेस को जिताने के लिए काम करेंगे । उनके इस बोल के बाद कांग्रेस भवन में मौजूद दिग्गज कांग्रेसी नेता एक दूसरे का मुंह ताकने लगे थे। अटल ने फिर कहा कि लाठीचार्ज को प्रायोजित बताया जा रहा है, ताकि मुझे टिकट न मिल सकें। लोग भूल गए कि मैंने 25 सालों में कांग्रेस के बहुत कुछ किया है । मैं संगठन का समर्पित सिपाही हूं। कई दफा जेल गया बावूजद उनकी निष्ठा पर संदेह किया गया। उन्होंने कहा कि वो किसी की वजह से कांग्रेस में नहीं बल्कि कांग्रेसी होने की वजह कांग्रेस में है।