रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

डॉ.मिक्की मेहता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के प्रकरण की जांच एसडीएम के आदेश मिलने पर सिविल लाइन पुलिस ने शुरू कर दी है। गुरुवार को पुलिस अफसरों ने मर्ग प्रकरण की फाइल को देखी। अफसरों का कहना है कि नए तथ्य सामने आने पर एफआइआर दर्ज की जाएगी। जांच के बिंदु पहले ही तय हो चुके हैं। इस केस की दोबारा नए सिरे से जांच शुरू होने से निलंबित डीजी मुकेश गुप्ता की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

जानकारी के मुताबिक निलंबित डीजी मुकेश गुप्ता की दूसरी पत्नी मिक्की मेहता की वर्ष 2001 में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में सिविल लाइन पुलिस ने मर्ग कायम कर फाइल बंद कर दी थी, जबकि उसके परिजन लगातार हत्या का आरोप लगाकर जांच की मांग करते रहे। डीजीपी डीएम अवस्थी ने पिछले दिनों केस की जांच करने का आदेश दिया था। सिविल लाइन पुलिस ने इसके लिए एसडीएम से विधिवत अनुमति मांगी प्राप्त कर गुरुवार को केस की जांच शुरू कर दी। आइजी आनंद छाबड़ा जांच की मॉनिटरिंग करेंगे। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सेवानिवृत्त हो चुके डीजी जेल गिरधारी नायक के जांच प्रतिवेदन में एक पत्नी के रहते मुकेश गुप्ता द्वारा दूसरी शादी करने की तरफ भी सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया गया है और इसको सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन बताया है। इस आधार पर भी मुकेश गुप्ता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

मामला आइपीएस अफसर से जुड़ा होने के कारण सिविल लाइन पुलिस इस केस की जांच में फूंक-फूंककर कदम रख रही है। पुलिस अफसरों का कहना है कि केस में नए तथ्य और पुख्ता सुबूत मिलने पर ही एफआइआर दर्ज की जाएगी। मिक्की मेहता की बेटी मुक्ता को भी बुलाने की तैयारी चल रही है। मिक्की मेहता के भाई माणिक मेहता ने कई बार पुलिस में शिकायत कर चुके हैं कि उनकी बहन की मौत की दोबारा जांच होनी चाहिए। पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिक्की मेहता की मौत की दोबारा जांच के लिए आवेदन दिया था। इसके बाद डीजीपी ने जांच का आदेश रायपुर आइजी को दिया है।