रायपुर (राज्य ब्यूरो)। प्रदेश में अवैध निर्माण के नियमितीकरण को आसान करने के संशोधन विधेयक को लेकर राज्यपाल अनुसुईया उइके से मंत्री रविंद्र चौबे और मोहम्मद अकबर ने गुस्र्वार को मुलाकात की। मंत्रियों ने राज्यपाल अनुसुईया उइके के समक्ष भवनों के नियमितीकरण और पार्किंग संबंधी कानून में संश्ाोधन के औचित्य की विस्तार से जानकारी दी। मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि राज्यपाल को विधेयक को लेकर कुछ संदेह था, जो अब दूर हो जाएगा और जल्द ही इस पर सहमति बन जाएगी।

गौरतलब है कि जमीन का उपयोग बदलने से लेकर पार्किंग के स्थान पर अतिक्रमण के नियमितीकरण का प्रविधान है। मकान के स्वीकृत नक्शा में पार्किंग की शत-प्रतिशत जमीन पर निर्माण करने वालों से प्रत्येक कार के लिए दो लाख रुपये जुर्माना लेकर नियमितीकरण कर दिया जाएगा। इसी तरह जमीन का उपयोग (लैंड यूज) बदलने वालों को नियमितीकरण के लिए कलेक्टर गाइड लाइन दर का पांच प्रतिशत जुर्माना देना होगा। बता दें कि फरवरी के पहले सप्ताह में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इस संशोधन को मंजूरी दी गई थी। इसमें स्वयंसेवी संस्थाओं को छूट का भी प्रविधान रखा गया है।

कृषि विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के बंटवारा पर सहमति

इसके अलावा मंत्रियों ने राज्यपाल से महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, पाटन, दुर्ग और इंदिरा गंाधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के मध्य संपत्ति और कर्मचारियों के अंतरण, अनुसूचित क्षेत्र में गठित नगर पंचायत प्रेमनगर जिला सूरजपुर, नरहरपुर जिला कांकेर, दोरनापाल जिला सुकमा और नगर पंचायत बस्तर को पुन: ग्राम पंचायत में परिवर्तित करने, राज्यपाल सचिवालय में लंबित नवीन पदांे के पदस्थापना और छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष पद के लिए भी चर्चा हुई।

वनोपज के प्रबंधकों का पारिश्रमिक बढ़ाने पर चर्चा

राज्य में प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति के प्रबंधकों के स्थिति के संबंध मे चर्चा के दौरान राज्यपाल उइके ने सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि प्रबंधकों के पारिश्रमिक को बढ़ाकर 20 हजार करने से प्रबंधकों को आर्थिक लाभ होगा और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। इस अवसर पर राज्य के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू और जय प्रकाश मौर्य उपस्थित थे।

Posted By: Pramod Sahu

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