रायपुर (राज्य ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जाति और ओबीसी का आरक्षण बढ़ाने जाने को नगरीय प्रशासन एवं श्रम मंत्री शिव डहरिया ने सही बताया और सरकार के फैसले का स्वागत किया है। शनिवार को मीडिया से चर्चा में डहरिया ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन आरक्षण बढ़ाने में कोई मायने नहीं रखती है।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 50 फीसद आरक्षण का कैप लगाया है, लेकिन सरकार आबादी के आधार पर इसे बढ़ा सकती है। तमिलनाडु सहित कई राज्यों में 50 फीसद से ज्यादा आरक्षण है। पिछली भाजपा सरकार ने भी 58 फीसद आरक्षण दिया था। केंद्र सरकार ने पहले ही 10 फीसद आरक्षण बढ़ाकर 60 फीसद कर दिया था। हम संवैधानिक व्यवस्था के तहत जनसंख्या के आधार पर आरक्षण का लाभ दे रहे हैं। डहरिया ने निजी क्षेत्रों में आरक्षण की वकालत करते हुए इसे बेहद जरुरी बताया है।

मंत्री डहरिया ने पिछली भाजपा सरकार पर समाज के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने एसटी का आरक्षण घटाकर 29 फीसद कर दिया था, लेकिन कांग्रेस सरकार आने के बाद इस फैसले को लागू नहीं किया गया। एसटी वर्ग का आरक्षण 32 फीसद कर दिया गया है। यह गरीबों के हित मे लिया गया बड़ा फैसला है। डहरिया ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव में 32 वादे किए थे, उनमें से 22 वादों को पूरा कर लिया है।

डहरिया ने बताया कि एससी का आरक्षण 16 फीसद मध्यप्रदेश की जनसंख्या के हिसाब से दिया गया था। छत्तीसगढ़ की जनसंख्या के आधार पर 13 फीसद किया गया है। उन्होंने कहा कि पहले गलत नीतियों के कारण बाहर के लोग नौकरी पाते थे। अब यहां के लोगों को रोजगार मिले इसे लेकर सरकार प्रयास करेगी।