रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। नगरीय निकाय मंत्री शिव डहरिया इंटरनेट मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर राजीव भवन में सोमवार को प्रेसवार्ता ली। प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि नौ जनवरी 2022 को वह आरंग स्थित रीवां गांव में सड़क का भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होने गए थे।

मंच पर ही स्थानीय ग्रामीण महिलाओं से गांव में पानी पहुंचाने को लेकर सौहार्दपूर्ण चर्चा हो रही थी तभी अचानक शराब पीकर असमाजिक तत्वों द्वारा व्यवधान उत्पन्न किया गया। मंच से उतरने के बाद मैं अपनी गाड़ी के पास जा रहा था, तभी इस दौरान असमाजिक तत्वों द्वारा अपशब्द का प्रयोग किया जा रहा था। इसके बाद सुरक्षा कर्मियों द्वारा उसको हटाया गया। थप्पड़ मारने वाली घटना पूरी तरह से गलत है।

भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा मेरी छवि धूमिल करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जिस तरह से काम कर रही है इससे भाजपा के नेता बौखला गए हैं। प्रदेश की जनता भाजपा का प्रशासनिक और राजनैतिक आंतक को देखा और सहा है।

भाजपा के नेता विशेषकर पूर्व मंत्री डा. रमन सिंह, कुरूद विधायक अजय चंद्राकार आदि द्वारा जिस प्रकार से ट्वीटर पर प्रचारित किया जा रहा है उसके अस्पष्ट हो रहा है कि इस घटना को भाजपा के लोग जानबूझकर कुछ लोगों को कार्यक्रम में भेजकर कारित करवाया गया, ताकि हमारी छवि को खराब किया जा सके। कार्यक्रम में जो लोग समस्या लेकर आए थे वे चले गए तथा जो लोग हल्ला मचा रहे थे वे दूसरे थे।

उन्होंने कहा पुलिस इस मामले में जांच कर रही है वस्तु स्थिति सामने आएगी। प्रदेश महामंत्री चन्द्रशेषर शुक्ला ने कहा कि भाजपा गलत प्रचार प्रसार कर अराजकता फैलाकर राजनीति कर रही है। उनके पास और कोई मुद्दा नहीं है। इस दौरान नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया, कांग्रेस प्रवक्ता धनजंय ठाकुर, चेयरमैन मीडिया विभाग सुशील आनंद शुक्ला, प्रदेश महामंत्री चंद्रशेषर शुक्ला, अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष महेन्द्र छाबड़ा और यूथ कांग्रेस राष्ट्रीय संयोजक इंटरनेट मीडिया विपिन मिश्रा मौजूद थे।

वीडियो के तथ्यों को गलत ढंग से प्रस्तुत कर छवि खराब करने का प्रयास

छत्‍तीसगढ़ के प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि रमन सिंह एक वीडियो के तथ्यों को गलत ढंग से प्रस्तुत कर मंत्री डा. शिवकुमार डहरिया की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे है। रमन सिंह को याद रखना चाहिये कि प्रशासनिक आतंक का दौर उनकी सरकार के साथ दिसंबर 2018 को ही चला गया।

वर्तमान में आम आदमी बिना खौफ के अपनी बात मुख्यमंत्री, मंत्रियों के सामने कर सकता है रमन सिंह को नहीं भूलना चाहिये उनके मुख्यमंत्री के समय इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में किसान सम्मेलन में अपनी बात रखने वाले युवा को किस प्रकार रमन सिंह ने पीटवाया था जेल तक भिजवाया था।

विकास यात्रा के दौरान स्कूल के लिये शिक्षक और सुविधायें मांगने वाले बच्चियों के ऊपर लाठीचार्ज करवाया था धमतरी के किसान जब पानी मांग रहे थे तब रमन सिंह ने उन पर लाठियां चलवाई थी जिससे किसान की मौत हो गयी। गुंडागिरी राजनैतिक, आतंकवाद भाजपा का चरित्र है, कांग्रेस का नही।

Posted By: Kadir Khan

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