दीपक शुक्ला। रायपुर। दो दिन पहले रायपुर के गुढ़ियारी में 19 वर्ष के विशेक सेंद्रे का शव जिन परिस्थितियों में मिला था, उससे स्पष्ट था कि शव के साथ कितनी नृशसंता की गई थी। मृतक के कपड़ों से ही उसके हाथ-पैर बांध दिए गए थे। रेलवे ट्रैक पर लिटाकर उस पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किया गया था। इसके बाद भी वो भाग न सके, इसलिए उसके ऊपर बड़ा सा पत्थर रख दिया गया था।

विशेक का शव जिन परिस्थितियों में मिला, उसे देखकर हर कोई हिल गया। ये क्रूरता दिखाने वाले चार में से दो नाबालिग हैं। चोरी, मारपीट, चाकूबाजी की ढेरों घटनाओं में नाबालिगों की बड़ी भूमिका सामने आ रही है। बाल संप्रेक्षणगृह में विभिन्न् अपराधों के लिए 80 नाबालिग कैद हैं। हंसने-खेलने की आयु में नाबालिगों की ऐसी भूमिका ने पुलिस को बड़ी चिंता में डाल दी है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराध का ढंग बदल गया है। फिल्मों, विशेषकर क्राइम सीरिज और वेब सीरियलों में जिस तरह से अपराध को उभारा जा रहा है, बालमन पर इसका बड़ा गहरा प्रभाव पड़ रहा है। इसके साथ ही पैसों के लालच, महंगे शौक और मौज-मस्ती के लिए नाबालिग सहजता से बड़े से बड़ा अपराध कर रहे हैं। चूंकि नाबालिगों को अपराध के लिए कड़ी सजा नहीं दी जा सकती, इसलिए बदमाशों के द्वारा इन्हें अपराध के दलदल में डालने का काम किया जा रहा है।

नाबालिगों को गैंग में करते हैं शामिल

नाबालिगों के पकड़े जाने पर उनके विरुद्ध कोई सख्त कार्रवाई भी नहीं होती। क्योंकि पुलिस उन्हें केवल निरुद्ध करा सकती है। माना स्थित बाल संप्रेक्षण गृह में 80 नाबालिग निरुद्ध हैं। इसी का फायदा उठाकर शातिर अपराधी अब अपनी गैंग में बच्चों को शामिल कर रहे हैं। मार्च से अप्रैल के बीच वाहन चोरी की वारदात में 10 बच्चे गिरफ्तार किए गए।

देखिए, किस तरह के अपराधों में संलिप्त मिले हैं नाबालिग

केस-1 : माना में 16 मई को अनाज कारोबारी से 50 लाख की डकैती हुई। इसमें 15 आरोपितों में से चार नाबालिग निकले। इन्हें अलग-अलग काम दिया गया था। नाबालिगों ने बाइक से कारोबारी को नीचे गिराने का काम किया। इसके बाद कारोबारी के एटीएम से इन्होंने पैसे भी निकाले थे।

केस-2 : गुढ़ियारी थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर 21 मई को एक युवक का क्षत-विक्षत श्ाव मिला। युवक की पहचान 19 वर्ष के विशेक सेंद्रे के रूप में हुई। पुलिस को पहले यह आत्महत्या का मामला लगा, लेकिन जब शव की जांच की गई तो पता लगा कि उसकी हत्या की गई है। इस पूरी वारदात का मास्टर माइंड नाबालिग था। नाबालिग ने मृतक को चोरी के दो मोबाइल बेचने के लिए दिए थे। मृतक ने ऐसा न कर एक मोबाइल को अपने पास रख लिया। इसी बात पर दोनों के बीच बहस हुई। इसके बाद नाबालिग ने हत्या करने की योजना बनाई। चार दोस्तों के साथ मिलकर पहले युवक पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किया गया। उसके बाद उसे पटरी पर लिटा दिया गया। इस हत्याकांड में दो नाबालिग शामिल थे।

केस : 3 : अप्रैल में अलग-अलग थाना क्षेत्रों से बाइक चोरी के आरोपित पकड़े गए थे। इनके पास से 15 गाड़ियां बरामद की गईं। चोरी में छह नाबालिग शामिल थे। इन्होंने स्वीकार किया कि पैसों के लिए उन्होंने ये चोरियां की।

रायपुर एडिशनल एसपी तारकेश्वर पटेल ने कहा, अब बड़ी वारदात में नाबालिग शामिल हो रहे हैं। इंटरनेट मीडिया और महंगे शौक बच्चों को अपराधों के दलदलों में धकेल रहे हैं। बच्चे नहीं सोचते कि अपराध कितना बड़ा और कैसा है? पुलिस के सामने चुनौती यह है कि बच्चों का कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं होता, इसलिए इन्हें पकड़ने में समस्या होती है।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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