रायपुर (राज्य ब्यूरो)। मिशन-2023 को लेकर धमतरी के गंगरेल स्थित रिसोर्ट में गुरुवार को भाजपा के चुनिंदा सदस्यों के बीच हुई बैठक में चार मुद्दों पर मंथन किया गया। इनमें प्रदेश की राजनीति परिस्थिति, सामाजिक समीकरण, संगठन की मजबूती और आगामी चुनावी रण्ानीति श्ाामिल थी। भाजपा के राष्ट्रीय सहसंगठन महामंत्री शिवप्रकाश, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल, प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव सहित 28 पदाधिकारी इसमें श्ाामिल हुए। बैठक आठ घंटे चली।

भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो बैठक की शुरुआत प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा से हुई। करीब दो घंटे तक बस्तर से लेकर सरगुजा तक के नेताओं ने राजनीतिक परिस्थितियों पर अपनी-अपनी राय रखी। विधानसभा चुनाव में मुद्दों और स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर सरकार को घेरने की रणनीति बनी। तबीयत खराब होने के कारण पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह इसमें शामिल नहीं हो पाए। नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, सभी प्रदेश महामंत्री, सभी संभाग प्रभारी और कोर ग्रुप के सदस्य इसमें शामिल थे।

सूत्रों के अनुसार बैठक में हर विधानसभा सीट को लेकर चर्चा की गई। बस्तर और सरगुजा के आदिवासी इलाकों पर संगठन का विशेष ध्यान है। गौरीशंकर अग्रवाल, विक्रम उसेंडी, अजय चंद्राकर जैसे नेताओं ने अलग-अलग विषय पर अपनी राय रखी। वरिष्ठ नेताओं के मंथन के बाद तय किया गया कि बिलासपुर में तीन नवंबर को होने वाली महतारी हुंकार रैली अब 11 नवंबर को होगी। त्योहार को देखते हुए संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने रैली का समय आगे बढ़ाने पर सहमति दी। इसके साथ ही मोर्चा के प्रदेश अध्यक्षों के कामकाज पर भी चर्चा की गई।

बदले जाएंगे जिलाध्यक्ष, एक महीने में पूरी होगी नियुक्ति

वरिष्ठ पदाधिकारियों ने प्रदेश के 13 जिलों के अध्यक्षों को बदलने पर भी सहमति दे दी है। बताया जा रहा है कि एक सप्ताह में नए जिलाध्यक्षों की घोषणा हो जाएगी। इसके साथ ही संगठन के कामकाज को गति देने के लिए बूथ स्तर और शक्ति केंद्र तक वरिष्ठ नेताओं को पहुंचने का निर्देश दिया गया है।

Posted By: Pramod Sahu

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