रायपुर। छत्तीसगढ़ के चित्रकोट विधानसभा उपचुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रवाद का मुकाबला मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नौ महीने के विकास से होगा। भाजपा राष्ट्रवाद, कश्मीर में अनुच्छेद 370 और रफेल जैसे मुद्दे को लेकर मैदान में उतर रही है। वहीं, कांग्रेस अपनी सरकार के नौ महीने के विकास, आदिवासी की जमीन वापसी सहित अन्य मुद्दों पर फोकस कर रही है।

चित्रकोट विधानसभा उपचुनाव में 21 अक्टूबर को मतदान है। ऐसे में आखिरी दस दिन में दोनों दलों के बड़े नेता प्रचार के मोर्चे पर उतरेंगे। भाजपा नेता डॉ रमन सिंह, धरमलाल कौशिक, विक्रम उसेंडी जहां प्रचार का मोर्चा संभालेंगे। वहीं, कांग्रेस से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, मोहन मरकाम और अन्य मंत्री जनता के बीच पहुंचकर वोट की अपील करेंगे।

दंतेवाड़ा उपचुनाव में हार के बाद भाजपा बस्तर में सफाए से पहले पूरी ताकत झोंक रही है। भाजपा की कोशिश है कि कम से कम एक विधायक अपनी पार्टी का हो। वहीं, कांग्रेस बस्तर को भाजपा मुक्त करने के लिए ताकत लगा रही है। पिछले दो चुनाव में कांग्रेस को जीत मिली है।

कांग्रेस वोटरों के बीच पहुंचकर विकास के लिए पार्टी को वोट करने की अपील कर रही है। इसके साथ ही भाजपा ने सोशल मीडिया में प्रचार के लिए वीडियो भी तैयार किया है। इसमें राफेल से लेकर अनुच्छेद 370 का जिक्र करके मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाई जा रही है। जबकि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार की कमजोरियों को लेकर भी एक वीडियो बनाया गया है। इसको वोटरों तक पहुंचाने के लिए आइटी सेल को सक्रिय किया गया है।

निर्वाचन प्रचार में सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करें

भारत निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन प्रचार अभियान में पर्यावरण-अनुकूल सामग्री के प्रयोग की अपील की है। आयोग ने सभी मान्यता-प्राप्त राजनीतिक दलों से कहा था कि वे निर्वाचनों में प्रचार सामग्री के रूप में सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करें।

निर्वाचन प्रचार के दौरान पोस्टर, बैनर, कट-आउट, होर्डिंग, विज्ञापन, कटलरी, पानी पीने के पाउच, बोतल में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से संपूर्ण पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जो विशेष रूप से मनुष्यों और पशुओं के स्वास्थ्य को दुष्प्रभावित करता है। यह स्थिति सभी के सक्रिय सहयोग से बदली जा सकती है। किसी भी रूप में सिंगल यूज प्लास्टिक से पर्यावरण को मुक्त रखने के लिए सामूहिक संकल्प लेना चाहिए।