रायपुर। देश भर में घूम-घूमकर एटीएम मशीन से छेड़खानी और पावर कट कर लाखों रुपये पार करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के शातिर बदमाश गौरव यादव की उप्र के कानपुर से गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस को गिरोह के मास्टर माइंड समेत दो की तलाश है। दोनों का नाम, पता पुलिस ने हासिल कर उनकी तलाश में उप्र में डेरा डाल दिया है। मास्टर माइंड एटीएम मशीन में कैश भरने वाली सीएमसी कंपनी की मुख्य शाखा दिल्ली में काम कर चुका है। इसलिए एटीएम मशीन का जानकार है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि रायपुर के अलावा बिलासपुर में भी इस गिरोह ने एटीएम से पैसे निकाले हैं। गिरोह में दो हजार से अधिक बदमाश शामिल हैं।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि छत्तीसगढ़ समेत देश भर में एटीएम मशीन में छेड़खानी कर लाखों रुपये उड़ाने वाले अंतराज्यीय गिरोह के गौरव यादव की गिरफ्तारी से कई खुलासे हुए हैं। उसने बताया कि गिरोह का मास्टर माइंड अमित चौहान है। वह दिल्ली के सीएमसी कंपनी में कई साल तक काम कर चुका है।

यह कंपनी एटीएम में रुपये भरने का काम करती है। फिलहाल पिछले एक साल से वह कंपनी का काम छोड़कर देश भर में इसी तरीके से ठगी कर रहा है। गिरोह से जुड़े दो हजार से अधिक लोगों की नजर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर, बिलासपुर समेत अन्य जिलों की एटीएम मशीन पर है। गिरोह के लोग किराए पर अपने परिचित, रिश्तेदार, साथी का एटीएम कार्ड लेकर पैसा निकालने का काम करते हैं।

एटीएम मशीन में छेड़खानी कर वहां का पावर बंद कर पैसा निकालते हैं। मशीन से पैसा तो निकलता है, लेकिन उसका कोई डेटा सेव नहीं होने से बैंक के पास यह रिकार्ड नहीं होता कि आखिर किस कार्ड से पैसे निकाले गए हैं। मशीन में जमा रकम एवं आहरित रकम की डिटेल के अनुसार बचत रकम कम मिलने के बाद रायपुर के कारपोरेशन बैंक में कैश डालने वाली कंपनी ने जांच की तब फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। बिलासपुर के मैग्नेटो मॉल के पास स्थित कारपोरेशन बैंक के एटीएम से भी इसी तरह से पैसा निकाले गए थे।

कारपोरेशन और एसबीआइ के एटीएम निशाने पर

कारपोरेशन और एसबीआइ के एटीएम गिरोह के निशाने पर हैं। दोनों बैंकों के एटीएम से हर दिन लाखों रुपये गिरोह निकाल रहा है। मास्टर माइंड के पकड़े जाने के बाद नए खुलासे होने की उम्मीद है।