रायपुर (राज्य ब्यूरो)। कोयला परिवहन और मनी लांड्रिंग मामले के पांचों आरोपितों को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आज कोर्ट में पेश किया, जहां से इन्हें 10 दिसंबर तक कोई राहत नहीं मिली है। निलंबित आइएएस समीर बिश्नोई, कारोबारी सूर्यकांत तिवारी, लक्ष्मीकांत तिवारी और सुनील अग्रवाल को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री सचिवालय की उपसचिव सौम्या चौरसिया 10 दिसंबर तक ईडी की रिमांड में रहेंगी।

ईडी ने न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत की स्पेशल कोर्ट में पांचों आरोपितों को पेश किया। विशेष लोक अभियोजक सौरभ कुमार पांडेय ने बताया कि ईडी की तरफ से दस दिन की रिमांड मांगी गई थी, जिसमें सुनवाई के बाद चार दिन की स्वीकृत हुई। ईडी के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो 10 दिसंबर तक कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया जा सकता है, क्योंकि इस दिन ईडी की कार्रवाई के 60 दिन पूरे हो रहे हैं।

आरोप पत्र पेश नहीं करने की दशा में आरोपितों को कोर्ट से राहत मिल सकती है। अधिवक्ता फैजल रिजवी ने बताया कि सौम्या चौरसिया से कोर्ट परिसर में उनके बच्चों से मिलने दिया गया। कोर्ट ने आदेश दिया है कि हर दूसरे दिन सौम्या की वकील से मुलाकात कराई जाएगी।

गौरतलब है कि ईडी ने 11 अक्टूबर को प्रदेश के कई अफसरों और कारोबारियों के ठिकानों पर छापा मारा था। प्रारंभिक जांच और पूछताछ के बाद 13 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसाइटी (चिप्स) के तत्कालीन सीईओ समीर बिश्नोई, कोयला कारोबारी सुनील अग्रवाल और वकील व कारोबारी लक्ष्मीकांत तिवारी को गिरफ्तार किया था। सौम्या को दो दिसंबर को गिरफ्तार किया गया था।

Posted By: Vinita Sinha

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