राजकुमार धर द्विवेदी, रायपुर। Moral knowledge: आज के चोलाधारी साधु जहां लोगों को झाड़-फूंक और अंधविश्वास के जाल में फंसाकर धन ऐंठते हैं, वहीं राजधानी के चंगोराभाठा में रहने वाले हनुमान-भक्त संत पंडित अरुण चौबे लोगों को अंधविश्वास से दूर रहने के लिए सतत जागरूक कर रहे हैं। वह जड़ी-बूटियों से तैयार औषधियों से लोगों का इलाज भी करते हैं। उनका कहना है कि कोई बीमारी होने पर भोलेभाले लोग अस्पताल न जाकर झाड़फूंक करने वालों के पास जाते हैं और ठगे जाते हैं। बीमारियों का इलाज चिकित्सा से होता है। इलाज में देसी और आधुनिक चिकित्सा दोनों कारगर हैं।

अंधविश्वास के बारे में पंडित चौबे ने बताया कि एक बार किसी गांव से उनके पास एक महिला अपने छोटे बच्चे को लेकर आई और कहने लगी,'पंडितजी, मेरा बच्चा सुस्त पड़ा रहता है। लगातार कमजोर होता जा रहा है। लगता है कि इसे भूत लगा है।' यह सुनकर पंडितजी ने बच्चे को गौर से देखा। उनके पास हनुमानजी को चढ़ाने के लिए जल रखा था। उन्होंने बच्चे के मुंह में थोड़ा जल डाला। बच्चा और जल पीने के लिए हाथ-पैर हिलाने लगा। उसमें हलचल आ गई।

पंडितजी ने उसे और जल पिलाया। इसके बाद महिला से पूछा, 'इसे पानी कब से नहीं पिलाया?' महिला ने जो उत्तर दिया, उससे पंडितजी चकित रह गए। महिला ने कहा कि उसने दो-तीन माह के बच्चे को एक बार भी पानी नहीं पिलाया, दूध पिलाती है। इस पर पंडितजी ने उसे हल्की फटकार लगाई और कहा, 'पानी न मिलने से ही इसकी यह हालत है। तुम तो इसे मार ही डालोगी। रोज पानी पिलाया करो। इसे भूत-प्रेत कुछ नहीं लगा है।' पंडितजी ने कहा कि शारीरिक-मानसिक परेशानी आने पर ऐसे बहुत से लोग हैं, जिनका ध्यान पहले भूत-प्रेत की ओर जाता है। इस चक्कर में रोगी की जान भी चली जाती है।

Posted By: Himanshu Sharma

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस