रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। परमात्मा ने कैवल्य ज्ञान प्राप्त करने के बाद संसार के स्वरूप को समझाया कि यह संसार असार है। यह अनित्य है, किसी के नियंत्रण में नहीं है। अत: जीव को अपने भीतर के दोषों को दूर करने का प्रयास करना चाहिए। यही सुखी होने का एकमात्र मार्ग है। यह संदेश श्रीहीरसुरी भवन, भैरव सोसाइटी में मुनि शाम्यतिलक विजय महाराज ने दिया।

उन्होंने एक उदाहरण दिया। जैसे हमें एक गांव से दूसरे गांव जाना हो तो हम कार, बस, ट्रेन इत्यादि का उपयोग करते है। यदि कोई व्यक्ति अपने लक्ष्य को ही भूल जाए और मार्ग में ही भटकता रहे तो क्या वह अपने गंतव्य तक पहुंच पाएगा? उसी तरह हम भी इस संसार में भटक रहे हैं। हम अपने लक्ष्य को भूल चुके हैं। जिसे पूरा मार्ग पता न हो और वह पूछ- पूछ कर चले तो भी गांव तक पहुंच जाएगा।

जिसे मार्ग भी पता न हो और अपने ही मन से चले तो क्या वह कभी गांव तक पहुंच पाएगा? इसी प्रकार जीवन में गुरु की आवश्यकता होती है, बड़े बुजुर्गो की जरूरत होती है। परिवार में भी रह रहे हैं तो कोई कार्य करने से पहले बड़ों से पूछ लेना चाहिए।

संसार का नियम है कि आपने पूर्व में जैसा बोया है, वर्तमान में आपको वैसा ही प्राप्त होगा। वर्तमान की प्रतिकूल परिस्थिति के निर्माण में दोष दूसरों का नहीं बल्कि पूर्व में की गई अपनी ही गलतियों का है। 45 दिवसीय आगम तप के 24वें दिन के लाभार्थी मोहनी देवी, गेंदमल, संतोष, राजेन्द्र, सुशील पारख परिवार डौंडीलोहारा रहे।

इस बार रावणभाठा मैदान में होगी दही हांडी लूट प्रतियोगिता

कोरोना काल के पहले हर साल जन्माष्टमी पर सप्रे शाला मैदान में दही हांडी लूट प्रतियोगिता आयोजित की जाती थी। इस साल रावणभाठा दशहरा मैदान, नया बस स्टैंड के पास प्रतियोगिता होगी। आयोजन समिति के अध्यक्ष माधव लाल यादव ने बताया कि क्रेन की सहायता से 25 फीट, 15 फीट और 11 फीट की ऊंचाई पर हांडी को लटकाया जाएगा। तीन वर्गों में महिला, पुरुष, बालक, युवतियां भाग लेंगे। प्रथम पुरस्कार 31 हजार द्वितीय 15 हजार और तृतीय 11 हजार रुपये के साथ शील्ड दिया जाएगा।

गोविंदा मंडलियों का पंजीयन प्रारंभ हो चुका है। साथ ही यादव नृत्य दल, शौर्य प्रदर्शन, करतब, अखाड़ा दलों का प्रदर्शन होगा। इस बार कृष्ण मित्र सम्मान बाम्बे ब्लड ग्रुप रायपुर को और छत्तीसगढ़ गौरव सम्मान यातायात पुलिस नीलांबर सिन्हा को तथा सेना में साहस पराक्रम में योगदान के लिए रिटायर्ड कर्नल जेएस, कक्कड़ को कृष्ण बलराम शौर्य सम्मान तथा छत्तीसगढ़ी कला संस्कृति में उल्लेखनीय योगदान के लिए डा. पुरुषोत्तम चंद्राकर, बाल कलाकार नायरा रंगारी दुर्ग को दिया जाएगा

Posted By: Pramod Sahu

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