रायपुर। Nagar Ghade Column: भारतीय सनातन संस्कृति में एक-दूसरे की फिक्र, चिंता, सेवा, सहयोग करने को प्राथमिकता दी गई है। जिन्हें लोग नहीं जानते, उनकी भी मदद करने को कई हाथ बढ़ जाते हैं। पिछले दिनों छत्तीसगढ़ के लोगों ने स्वेच्छा से गांव-गांव, शहर-शहर में एक ही समय पर जहां थे, वहीं ठहरकर कोरोना महामारी के मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान दुनिया छोड़ चले स्वजनों व परिचितों की याद आई तो आंखें छलक उठीं।

जाति, धर्म, पंथ और विचारधारा से परे सभी ने सच्चे दिल ने दुआ, अरदास और प्रार्थना की। अस्पतालों में भर्ती कोरोना पीड़ितों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। ज्यादातर सामूहिक आयोजन निंदा के शिकार हो जाते हैं, लेकिन इस आयोजन को सभी ने निष्पक्ष भाव से सराहा। इसकी सबसे बड़ी वजह यह थी कि यह आयोजन संवेदनाओं से जुड़ा हुआ था। इसमें सभी ने स्वस्फूर्त सहभागिता निभाई थी। यही इसकी सबसे बड़ी ताकत थी।

अस्पताल बंद होने की खुशी

जब कोई अस्पताल बंद होता है, तो उस शहर के लोग दुखी हो जाते हैं और सोचते हैं कि अब इलाज के लिए बाहर जाना पड़ेगा। इसके लिए जिम्मेदार लोगों को कोसने का सिलसिला शुरू हो जाता है। इस साल पहली बार ऐसा नजारा दिखाई दे रहा है, जब कोराना महामारी का इलाज करने के लिए अस्थायी रूप से खोले गए कोविड अस्पतालों को बंद किए जाने से आम और खास सभी वर्ग के लोग बहुत खुश हैं। यहां से ठीक होकर घर लौटे सैकड़ों मरीज अब यही कामना कर रहे हैं कि भविष्य में ऐसी नौबत ही न आए कि इन अस्पतालों को दोबारा खोलना पड़े। कोरोना से पीड़ित लोगों की संख्या में कमी आने से इंडोर स्टेडियम और मानस भवन में जैनम कोविड सेंटर बंद होने से खुशी छाई हुई है। सभी दुआ कर रहे हैं कि अब दोबारा न खुलें ये अस्पताल।

खूब सराहा जा रहा मास्क का लंगर

लंगर शब्द सुनकर ही लोगों को लगता है कि सिख समाज के लोग हलवा, पूड़ी, सब्जी और शरबत की सेवा दे रहे होंगे। इसका प्रसाद ग्रहण करने को संभ्रांत परिवार के लोग भी कार से उतरने से नहीं हिचकते। इसके विपरीत पिछले दिनों सिख समाज ने कोरोना से बचने के लिए मास्क पहनने को प्रेरित करने को पंडाल लगाया और इस सेवा कार्य को मास्क का लंगर नाम दिया।

मास्क भी कोई साधारण कपड़े से नहीं बल्कि उस पगड़ी वाले कपड़े से बनवाया, जिसे सिख समाज के लोग सम्मानपूर्वक सिर पर धारण करते हैं। इस दौरान संदेश दिया कि मास्क लगाकर ही खुद को, परिवार को और शहर के लोगों को बचाया जा सकता है। मास्क रूपी प्रसाद बांटकर अपील की कि प्रशासन द्वारा जारी नियमों का ईमानदारी से पालन कर स्वस्थ रहें। शहर में इस अभियान की खूब प्रशंसा हो रही है।

चलती रहेगी प्रदर्शन की नौटंकी

कुछ सालों पहले आलू, प्याज, तेल, घरेलु गैस, पेट्रोल, डीजल जैसी जरूरी चीजों की कीमतों का मुद्दा उछालकर सरकारें पलट दी गईं। तब जनता को आस बंधी कि शायद सरकार बदलने से अब महंगाई कम होगी। लेकिन आज देश में फिर वही हालात पैदा हो गए हैं। धरना, प्रदर्शन, हड़ताल करके जिस पार्टी ने सत्ता पर कब्जा जमाया, अब उन्हीं के सत्ताकाल में महंगाई आसमान पर पहुंच गई है।

केंद्र में भाजपा की सरकार है और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की। सो, छत्तीसगढ़ के कांग्रेसियों ने पिछले दिनों बारिश में भी धरना, प्रदर्शन कर केंद्र सरकार को कोसते हुए महंगाई कम करने की आवाज उठाई। इस पर आमजनों का कहना है कि नेता महज नौटंकी करते हैं। जनता की परेशानी से उन्हें कोई लेना-देना नहीं। जो पहले प्रदर्शन करते थे, वे अब केंद्रीय मंत्री हैं और आंखें मूंदे बैठे हैं। प्रदर्शन की नौटंकी तो चलती रहेगी।

Posted By: Azmat Ali

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