रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित नान घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो के हाथ बड़ा दस्तावेज लगा है। नान के उप लेखाकार चिंतामणि चंद्राकर के चार ठिकानों पर हुई छापामार कार्रवाई में एक लैपटॉप बरामद हुआ है। चिंतामणि के निवास से जप्त लैपटॉप से चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। एसीबी के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो चिंतामणि ने करीब पांच सालों में 15 से 20 लाख स्र्पये की अवैध कमाई को अफसरों और राजनेताओं तक पहुंचाया था।

विभाग में परिवहन करने वाले ठेकेदारों के साथ मिलकर वह अवैध उगाही की रकम ठिकाने लगाता था। उसके लैपटॉप में करीब 40 से 50 अफसरों ठेकेदारों और राजनेताओं के डिटेल भी मिले हैं, जिन्हें उसने पैसे पहुंचाए थे।

यही नहीं लैपटॉप की डिटेल से साफ हो गया है नान घोटाले में चिंतामणि चंद्राकर की भूमिका बेहद अहम थी।

नान में पाच साल के भीतर डिप्टी लेखाकार ने करीब 20 करोड़ की हेराफेरी की है। ईओडब्ल्यू ने चंद्राकर के चार ठिकानों पर छापे मारे थे, जिसमें 15 लाख स्र्पये नगद और पांच करोड़ से अधिक की संपत्ति का खुलासा हुआ था। ईओडब्ल्यू के आला अधिकारियों ने बताया कि अब चंद्राकर के लैपटॉप से मिले नाम से भी पूछताछ की जाएगी।

इसके साथ ही नागरिक आपूर्ति निगम घोटाले की जांच में ईओडब्ल्यू ने नान मुख्यालय से दस्तावेज जब्त किए थे। एक सप्ताह तक दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद वर्ष 2011 से 2015 तक नान में पदस्थ अफसरों को नोटिस भेजा गया है। इन अधिकारियों को तलब किया गया है। इसके साथ ही कुछ कर्मचारियों को भी नोटिस भेजा गया है।