National Tribal Festival 2021: रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। छत्‍तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज यानि 28 अक्‍टूबर से देश के 27 राज्यों और छह देश से पारंपरिक लोक नृत्य कलाकार राष्ट्रीय आदिवासी महोत्सव में शामिल होने राजधानी पहुंच चुके हैं। 28 से 30 अक्टूबर तक आयोजित महोत्सव में आदिवासी पारंपरिक नृत्य, वेशभूषा, खानपान, आभूषण एवं संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।

कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 11 बजे मुख्य अतिथि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं अध्यक्षता प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल करेंगे। दोपहर 12.30 बजे से सभी नर्तक दलों द्वारा मार्च पास्ट किया जाएगा। महोत्सव के एक दिन पहले तैयारियाें का जायजा लेने संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत एवं मुख्य सचिव अमिताभ जैन दल-बल के साथ पहुंचे और पेयजल, सफाई, खानपान, बिजली, फायर ब्रिगेड की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।

पहला दिन - 28 अक्टूबर

नाइजीरिया, फिलिस्तीन, छत्तीसगढ़ और त्रिपुरा की प्रस्तुति

अतिथियों के उद्बबोधन के बाद नाइजीरिया, फिलिस्तीन, छत्तीसगढ़ के गौर सिंग नर्तक दल, होजागिरी त्रिपुरा के दल का नृत्य होगा। विवाह संस्कार विधा पर भी प्रस्तुति देंगे। शाम 6.30 बजे पारंपरिक पर्व, त्यौहार पर आधारित नृत्य प्रतियोगिता होगी। शाम को राज्यपाल महामहिम अनुसूइया उइके के मुख्य आतिथ्य में स्वाजीलैंड, उजबेकिस्तान और माली के आदिवासी प्रस्तुति देंगे। प्रत्येक दल के लिए 15 मिनट निर्धारित किया गया है।

इसमें गोंड जनजाति का कर्मा नृत्य मध्यप्रदेश, कड़सा नृत्य झारखंड, गोजरी नृत्य जम्मू-काश्मी, गुरयाबल्लू आंध्रप्रदेश, कारबी-तिवा असम, डिम्सा आंध्रप्रदेश, धप-ओडि़सा, कोम्युकोवा-तेलंगाना, दंडार-मध्यप्रदेश, बोण्डा-ओडि़सा, मेवासी नृत्य-गुजरात की प्रस्तुति होगी। प्रतियोगिता में 11 नर्तक दल प्रस्तुति देंगे। दोपहर 2.30 बजे प्रदर्शनी का उद्घाटन किया जाएगा।

त्योहार, फसल-कटाई पर नृत्य प्रतियोगिता शाम को

शाम 6.30 से रात्रि 7.30 बजे

पारंपरिक त्यौहार एवं अनुष्ठान, फसल-कटाई-कृषि एवं अन्य पारंपरिक विधाओं पर नृत्य प्रतियोगिता आयाेजित की जाएगी। इसमें 6 नर्तक दल हिस्सा लेंगे। करमा नृत्य-छत्तीसगढ़, झींझी हन्ना-उत्तराखंड, गुसाड़ी-डिम्सा-तेलंगाना, उरांव-झारखंड, सिद्धि गाेमा नृत्य-गुजरात की प्रस्तुति होगी।

दूसरा दिन- 29 अक्टूबर

सुबह 10 बजे से 1.30 बजे -

पारंपरिक त्यौहार एवं अनुष्ठान, फसल कटाई, कृषि, पारंपरिक विधाओं पर नृत्य प्रतियोगिता, गवर घूमर-राजस्थान, स्पिति-हिमाचल प्रदेश, गौर सिंग-छत्तीसगढ़, झांसकर-लद्दाख, भगोरिया-मध्य प्रदेश, असमिया लोकनृत्य, वट्टाकली-केरल, गादली सुसुन-महाराष्ट्र, तमांग सेलो-सिक्किम, जुजु जाजा-अरूणाचल प्रदेश, होजागिरी-त्रिपुरा, आदिवासी लोक नृत्य - छत्तीसगढ़, कर्मा-बिहार, चेराम लाम-मिजोरम, कर्मा-उत्तरप्रदेश, परिचाकली-लक्षद्वीप।

दोपहर 2.30 बजे से 7.30 बजे

गदली-मध्य प्रदेश, पुद्दुचेरी-पांडीचेरी, मुण्डरी-झारखण्ड, काशाद-मेघालय, धुल्लु कुनिथा-कर्नाटक, कुनबी-गोवा, गवर-राजस्थान, तारपा-दमनदीव. दादरा नगर हवेली, वांगाला-मेघालय, कर्मा नृत्य-छत्तीसगढ़, लिंगो-महाराष्ट्र, लम्बाड़ी-कर्नाटक, बंदिया-लक्षद्वीप, कोथा- तमिलनाडु, सिद्धि गोमा -नाइजीरिया, फिलिस्तीन, श्रीलंका की भी प्रस्तुति होगी।

तीसरा दिन - 30 अक्टूबर

सुबह 10 से से 1.30 बजे

निकोबारी नृत्य-अण्डमान.निकोबार, स्वांग-राजस्थान, वासवा-गुजरात, छाऊ-झारखंड, संथाली-पश्चिम बंगाल, खरिंग खरग फेचक-मणिपुर, घा हानू-लद्दाख, माकू हे निची-नागालैंड, मेवासी-गुजरात, गारसिया-राजस्थान, उरांव. कर्मा-छत्तीसगढ़, हारूल,झैंता, हरिण नृत्य-उत्तराखंड, धमाली-जम्मू कश्मीर।

दोपहर 2.30 से 7.30 बजे

प्रदर्शनकारी प्रस्तुतियां- माली, उजबेकिस्तान, स्वाजीलैंड, श्रीलंका।

रात्रि 8 बजे से 9.30

समापन समारोह में अतिथियों के समक्ष नाइजीरिया की प्रस्तुति और प्रथम-द्वितीय स्थान हासिल करने वाले दल की प्रस्तुति।

Posted By: Kadir Khan

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