रायपुर। राजधानी के देवी मंदिरों में प्रज्ज्वलित मनोकामना जोत और पंडालों में विराजित देवी प्रतिमा का दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। गुरुवार को देवी मंदिरों में माता के चतुर्थ स्वरूप कुष्मांडा की पूजा की गई। शुक्रवार को पंचमी पर पांचवें स्वरूप स्कंदमाता की पूजा की जाएगी। इस दिन देवी प्रतिमा का मनमोहक श्रृंगार करके दोपहर को महाभोग अर्पित करके प्रसाद वितरित की जाएगी। पुरानी बस्ती के महामाया मंदिर की परंपरा के अनुसार पंचमी पर महाजोत एवं श्रद्धालुओं की मनोकामना जोत की बाती को आगे बढ़ाने अथवा बाती बदलने की रस्म निभाई जाएगी।

बंगाली समाज में आज प्रतिमा स्थापना

बंगाली काली बाड़ी समिति में पांच दिवसीय नवरात्र उत्सव शुक्रवार को पंचमी तिथि से प्रारंभ होगा। इसके अलावा माना और डब्ल्यूआरएस कालोनी में निवासरत बंगाली समाज के लोग भी धूमधाम से उत्सव मनाएंगे। भगवान गणेश, कार्तिकेय, मां सरस्वती, मां काली और मां दुर्गा की प्रतिमा विराजित की जाएगी। पंचमी से नवमी तक पांच दिनों के लिए प्रतिमा की प्रतिष्ठापना की जाएगी। राजधानी के अलावा अन्य शहरों से भी बंगाली समाज के लोग उत्सव में शामिल होंगे।

धुनौचि नृत्य का आकर्षण

बंगाली कालीबाड़ी में पूजा के दौरान महिलाओं द्वारा किया जाने वाला धुनौचि नृत्य आकर्षण का केंद्र रहेगा। इसमें महिलाएं हाथ में मिट्टी का धूप दीया थामकर नृत्य करेंगी। षष्ठी तिथि से नवमी तक उत्सव मनाया जाएगा। दशमी तिथि पर सुहागिनें सिंदूर उत्सव में एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर खुशियां मनाएंगी। इसके पश्चात माता की विदाई करेंगी।

प्रतिदिन महाभोग,आज पंडालों पर बढ़ेगी भीड़

सप्तमी, अष्टमी व नवमी को माता को महाभोग अर्पित किया जाएगा। सुबह भोग लगाकर दोपहर 12 बजे से महाभोग का वितरण किया जाएगा। इसके साथ ही आज से पंडालों पर लोगों की भीड़ बढ़ेगी। पंचमी से मंदिरों में भी लोग अधिक संख्या में पहुंचेंगे।

बीटीआइ मैदान में गरबा खेलकर माता की भक्ति

शंकरनगर स्थित बीटीआइ मैदान में युवक-युवतियां, बच्चे, बुजुर्ग गरबा खेलकर माता की भक्ति कर रहे हैं। दशहरा संस्कृति उत्सव एवं विकास समिति बीटीआइ मैदान के अध्यक्ष राकेश धोतरे ने बताया कि मां अंबे की मूर्ति की स्थापना की गई है। पहले दिन से मां अंबे की आराधना के साथ पारिवारिक माहौल में गरबा, डांडिया प्रारंभ किया गया है। पारंपरिक परिधानों में परिवार वालों के साथ डांडिया करने के लिए लोग शामिल हो रहे हैं। वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रेमचंद लुणावत और समिति के सदस्य गरबा आयोजन की व्यवस्था संभाल रहे हैं। इसके अलावा आशीर्वाद भवन, पुजारी पार्क, देवेंद्र नगर, फाफाडीह, पाटीदार भवन आदि जगहों पर भी पारंपरिक वेशभूषा में परिवार समेत गरबा खेलकर आनंद लिया जा रहा है।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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