रायपुर। भैंसथान की पौने तीन एकड़ जमीन पर स्मार्ट सिटी लिमिटेड मल्टीलेवल पार्किंग और कॉम्प्लेक्स बनाने का प्लान अब सिर्फ प्लान नहीं, बल्कि ठोस प्रोजेक्ट के तौर पर सामने आ गया है। स्मार्ट सिटी ने सोमवार को इससे संबंधित टेंडर भी लगा दिया। पब्लिक प्राइवेट पार्टनशिप (पीपीपी) मोड पर कंपनी से अनुबंध होगा। कंपनी को जमीन दी जाएगी, वही निर्माण करवाएगी और इससे निगम को राजस्व मिलेगा। यह अनुबंधित एक निर्धारित समय के लिए होगा।

करीब पांच महीने पहले स्मार्ट सिटी का प्लान सामने आया, तब से जमकर विरोध शुरू हुआ। स्थानीय लोगों ने मोर्चा खोला। जिसमें पार्षद, विधायक और जनप्रतिनिधि जुड़े। यहां भजन कीर्तन हुआ, तो पौधरोपण भी। यहीं पर योग दिवस पर योगा हुआ। अन्य धार्मिक आयोजन भी।

आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री, नगरीय प्रशासन मंत्री से मुलाकात की। पीएमओ कार्यालय में लिखित शिकायत की गई। इनकी मांग यही है कि यहां पर ऑक्सीजन बने या उद्यान। मगर सुनवाई नहीं हुई। स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने रास्ता निकालते हुए,यहां कुछ ग्रीन एरिया छोड़ने का फैसला लिया है। उसके आधार पर ही टेंडर किया गया है। बतां दें कि कानूनी लड़ाई के बाद निगम के हक में फैसला आया था।

सामान्य सभा में हुआ था हंगामा

जुलाई-जून में हुई सामान्य सभा में भैंसथान की जमीन पर कॉम्प्लेक्स न बनाकर ऑक्सीजोन या उद्यान बनाने की मांग को लेकर एमआइसी सदस्य विमल गुप्ता प्रस्ताव लेकर आए थे। महापौर प्रमोद दुबे, एमआइसी सदस्य श्रीकुमार मेनन, अनवर हुसैन, नागभूषण राव, जसबीर ढिल्लन, राधेश्याम विभार, सतनाम पनाग, समीर अख्तर, एजाज ढेबर, अजीत कुकरेजा, निशा देवेंद्र यादव, दिशा धोतरे ने हस्ताक्षर किया, कॉम्प्लेक्स न बनाने की मांग सभापति से की थी। जमकर हंगामा हुआ था।

देखिए, जमीन का आधिपत्य निगम के पास है। जैसा की स्थानीय लोगों की मांग थी कि कुछ ग्रीन लैंड छोड़ा जाए तो उसे ध्यान में रखकर ही टेंडर लगाया गया है। अभी जमीन का कोई इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। कॉम्प्लेक्स बनने से निगम को राजस्व मिलेगा। - शिव अनंत तायल, निदेशक, रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड

Posted By: Nai Dunia News Network