रायपुर (राज्य ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ में भाजपा विधायक दल के नेता चुने जाने के बाद नारायण चंदेल ने शुक्रवार को पहली बार मीडिया से चर्चा की। चंदेल ने राज्य सरकार के कामकाज को सवालों के कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने रोजगार और आर्थिक स्थिति को लेकर सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। साथ ही कांग्रेस के बीच चल रही अंदस्र्नी कलह को सियासत और रियासत की लड़ाई बताने से भी पीछे नहीं हटे। भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में आयोजित पत्रकारवार्ता में नेता प्रतिपक्ष चंदेल ने कहा कि प्रदेश बदहाल हो रहा है।

बदहाली का अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है कि मुझे एक पुलिसकर्मी ने फोन किया और कहा कि पिछले तीन साल से नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों को सरकार जूते और मोजे नहीं दे रही है। चंदेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सियासत और रियासत की लड़ाई चल रही है। रियासतदार, सियासत पाना चाहते हैं और जो सियासत में हैं, वो रियासत वालों को कुछ भी सौंपना नहीं चाहते। चंदेल ने बिना नाम लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और मंत्री टीएस सिंहदेव के विवाद पर निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि सरकार में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। मंत्री सिंहदेव ने पंचायत विभाग छोड़ दिया। कोरबा में मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कलेक्टर को हटाने के लिए पत्र लिखा। यही नहीं, विधायिका का भी पूरी तरह अपमान किया जा रहा है। विधानसभा में पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव ने 14 अधिकारियों को निलंबित करने की घोषणा की। इस घोषणा के 24 घंटे के अंदर अधिकारियों को हटा देना चाहिए। लेकिन सरकार ने उन अधिकारियों को नहीं हटाया और प्रमोशन दे दिया।

कांग्रेस में सामंजस्य की कमी है। अधिकारी, कर्मचारी, व्यापारी और युवा सभी परेशान हैं। चंदेल ने कहा कि 22 अगस्त से प्रदेश के कर्मचारी हड़ताल पर जाने वाले हैं। प्रशासन व्यवस्था ठप पड़ रही है। रायपुर में तो धरना स्थल छोटा पड़ रहा है, क्योंकि लोगों का आक्रोश बड़ा होता जा रहा है। 2023 के आते-आते ये आक्रोश लावा बनकर फूटेगा। हमारा मिशन है कि आने वाले 2023 में हम कांग्रेस के असली चेहरे को बेनकाब करते हुए कमल खिलाएंगे।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close