रायपुर। Chhattisgarh Education : कॉलेज और विश्वविद्यालयों के स्नातक प्रथम और द्वितीय वर्ष के बीए, बीकॉम, बीएससी समेत अन्य कक्षाओं के लिए परीक्षा नहीं होगी। सिर्फ अंतिम वर्ष व अंतिम सेमेस्टर की विश्वविद्यालयीन परीक्षाएं आयोजित होंगी। इसी तरह स्नातकोत्तर स्तर पर एमए, एमकॉम आदि परीक्षाओं में यही नियम लागू होगा। इसमें यदि कोई छात्र जनरल प्रमोशन नहीं लेगा वह चाहे तो श्रेणी सुधार कर सकता है।

उच्च शिक्षा की ओर से जारी निर्देश के अनुसार अंकसूची के स्थान पर यदि कोई विद्यार्थी श्रेणी सुधार करना चाहे तो आगामी वर्ष या सेमेस्टर में विशेष परीक्षा के आयोजन की व्यवस्था के तहत परीक्षा दे सकता है। यह व्यवस्था केवल शिक्षा सत्र 2019-20 के लिए मान्य है।

हालांकि जिन प्रश्न पत्रों की परीक्षाएं 14 मार्च तक आयोजित हो चुकी है, उनका मूल्यांकन किया जाना है और बचे हुए प्रश्न पत्रों के प्राप्तांक की गणना गत वर्ष के प्राप्तांक या आंतरिक मूल्यांकन या फिर असाइनमेंट कार्य के आधार पर किया जाएगा। विवि उपरोक्त तीनों विकल्पों में से किसी एक अथवा एक से अधिक विकल्पों का चयन कर सकते हैं। प्रथम वर्ष वालों का दाखिला नवीन विद्यार्थियों के लिए एक सितम्बर 2020 से प्रारंभ करने की तैयारी है।

छात्र नेताओं की मांग पर लगी मुहरः राज्य में एनएसयूआई छात्र संगठन के नेताओं ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल समेत राज्य के तमाम विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को ज्ञापन सौंपकर परीक्षा में जनरल प्रमोशन देने की मांग की थी।

इनमें एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शुक्ला, उपाध्यक्ष भावेश शुक्ला, जिलाध्यक्ष रायपुर अमित शर्मा ने कुलपतियों दो बार ज्ञापन सौंपा था। आकाश शुक्ला ने बताया कि छात्र हित के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने त्वरित निर्णय लिया है। कोरोना संक्रमण के दौरान कॉलेज और विवि के छात्रों का तनाव कम हुआ है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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