0 रात के अंधेरे में बाइक सवार टकराकर समा रहे काल के गाल में, पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई

नईदुनिया मुद्दा

(फोटो-हीरा मानिकपुरी)

रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

राजधानी रायपुर के चारों तरफ हाइवे की सर्विस रोड पर भारी माल वाहक वाहनों की लाइन लगी रहती है। इससे हादसे बढ़े हैं। भारी वाहनों से बाइक सवार टकरा जाते हैं। हर साल यहां 24-25 लोगों की सड़क हादसे में मौत होती है। सर्विस रोड पर पार्किंग और गैरेज के सामने खड़ी गाड़ियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कुछ दिनों तक कार्रवाई करने के बाद पुलिस शांत बैठ गई। इसके कारण फिर से वही हालात बन रहे हैं। सर्विस रोड पर ट्रक और दूसरे वाहनों का कब्जा होने के कारण लोगों को आने-जाने में जहां दिक्कत हो रही है, वहीं रात के समय अंधेरे में डूबी रिंग रोड पर बाइक सवार खड़े वाहनों से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। रिंग रोड नंबर दो की सर्विस रोड ट्रांसपोर्टरों ने कब्जा जमा लिया है। स्थानीय पुलिस के साथ ट्रैफिक अमला यह सब देखकर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।

नईदुनिया की टीम ने पड़ताल की तो पाया कि शहर की रिंग रोड की सर्विस रोड पर फिर से भारी वाहनों ने ऐसा कब्जा कर लिया है कि यदि आप संभलकर वाहन नहीं चलाए तो कभी भी हादसे के शिकार हो सकते हैं। रिंग रोड नंबर एक, दो और तीन की सर्विस रोड से गुजरने वाले दोपहिया चालक खड़े वाहनों से टकराकर घायल होने के साथ ही काल के गाल में समा रहे हैं। खासकर रात में अंधेरे में डूबी सर्विस रोड पर खड़े वाहन लोगों को दिखाई नहीं देते। इसकी वजह से हादसे बढ़ रहे हैं। हाइवे के अलावा शहर की मेन रोड से जुड़ने वाले रास्ते भी डेंजर जोन बन गए हैं। गलियों से निकलकर मेन रोड पर तेजी से आने की कोशिश में दोपहिया सवार हादसे के शिकार हो रहे हैं।

सड़क पर चलना जानलेवा

हाइवे पर वाहन चलाना जानलेवा साबित हो रहा है। रात में बेलगाम रफ्तार से दौड़ रहे भारी मालवाहक साक्षात मौत बनकर लोगों के खून से सड़क को रंग रहे हैं। हाइवे और सर्विस रोड पर हो रहे हादसों के कारणों की नईदुनिया टीम ने पड़ताल की तो कई खामियां सामने आईं। टीम ने कुशालपुर चौक से टाटीबंध चौक तक का जायजा लिया। करीब पांच किमी के इस दायरे में जगह-जगह गेप-वे मिले, जो दुघटनाओं की वजह बन रहे हैं। रात में सड़क पर छाया अंधेरा भी दुर्घटनाओं को न्योता दे रहा है। एक्सप्रेस-वे व सर्विस रोड के किनारे खड़े वाहनों से दोपहिया चालक टकराकर हादसे का शिकार हो रहे हैं। सर्विस रोड पर यातायात का दबाव बढ़ने से दोपहिया और पैदल चलने वाले मुख्य मार्ग पर चलने के लिए मजबूर हैं।

छह महीने से नहीं चला जांच अभियान

पिछले छह महीने के भीतर ट्रैफिक पुलिस के साथ कबीर नगर, आमानाका थाना पुलिस ने भी सर्विस रोड पर खड़े होने वाले वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं की है। इसकी वजह से भी वाहन चालक बेपरवाह होकर जहां-तहां वाहनों को खड़े कर दे रहे हैं। सर्विस रोड पर इन वाहनों के खड़े रहने के चलते आसपास के रहवासियों को हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती हैं। टाटीबंध चौक से रिंग रोड नंबर एक और दो में ऐसे नजारे आम हैं। सड़क पर बिना स्टॉपेज कहीं भी इन गाड़ियों को पार्क कर दिया जाता है। हाइवे में सफर करने वाले मालवाहकों के ड्राइवर और हेल्पर अक्सर खाना खाने और सोने के लिए ट्रक रोक देते हैं। इन ट्रकों को रोकने और पार्क करने के लिए जगह निर्धारित की गई है, फिर भी नियम का पालन नहीं किया जा रहा है। इसके चलते आने-जाने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रहवासियों का आरोप है कि थाना पुलिस की ट्रांसपोर्टरों के साथ मिलीभगत की वजह से कार्रवाई नहीं हो रही है।

हर माह तीन मौत

रिंग रोड नंबर एक, दो और तीन पर बेलगाम दौड़ रहे भारी वाहनों के कारण हर माह दो-तीन लोगों की जान जा रही है। पुलिस केआंकड़े बताते हैं कि हर साल रिंग रोड और सर्विस रोड पर 20 से 25 मौतें हो रही हैं।

वर्जन

रिंग रोड और सर्विस रोड पर खड़े वाहनों को हटाने की कार्रवाई सख्ती से की जाएगी। वाहन चालक फिर भी नहीं मानते हैं तो उनके खिलाफ अपराध दर्ज कराएंगे।

- सतीश ठाकुर, डीएसपी, ट्रैफिक

Posted By: Nai Dunia News Network

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