रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। छत्तीसगढ़ के सबसे चर्चित डब्ल्यूआरएस कालोनी मैदान का दशहरा पर्व इस बार कोरोना महामारी के चलते सादगी से मनाया गया। जिस मैदान में प्रदेश के सबसे ऊंचे 110 फुट के रावण का दहन किया जाता था, वहां पर इस साल मात्र 10 फीट का रावण पुतला ही जलाया गया। पूजा-अर्चना, आरती के बाद शाम को सात बजे पुतला दहन करते ही चारों तरफ जय-जय श्रीराम के जयकारे गूंज उठे। देखते ही देखते सवा मिनट में रावण का पुतला जलकर खाक हो गया।

प्रतिबंध के बावजूद रावण दहन में जुटे सैकड़ों श्रद्धालु

प्रशासन ने रावण दहन के लिए कुछ नियम बनाकर आदेश जारी किए थे, ज्यादा से ज्यादा 50 सदस्यों को ही शामिल होने का नियम था, लेकिन बेरीकेड्स के भीतर इससे कहीं अधिक लोग घुस गए। बैरिकेड के 100 मीटर बाहर मैदान में भी रावण दहन देखने की चाह लिए सैकड़ों लोग अपने बच्चों को साथ लेकर पहुंचे।

नाम मात्र को हुई आतिशबाजी

हर साल मुंबई की आतिशबाजी का नजारा देखने के लिए हजारों लोगों की भीड़ जुटती थीं, लेकिन इस साल आतिशबाजी के नाम पर औपचारिकता निभाई गई।

ये अतिथि हुए शामिल

इस साल न तो रामलीला का आयोजन हुआ और न ही किसी तरह का अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ। इससे दशहरा देखने आने वालों को निराशा हुई। कार्यक्रम में डब्ल्यूआरएस कालोनी सार्वजनिक दशहरा आयोजन समिति के सदस्य विधायक कुलदीप जुनेजा, महापौर एजाज ढेबर ने राजधानीवासियों को दशहरा पर्व की शुभकामनाएं देते हुए भाईचारा, सद्भावना बनाए रखने की अपील की।

सवा मिनट में खाक हुआ रावण पुतला

इस साल रावण पुतले के सीने में लगी आतिशबाजी को अग्नि देते ही अग्नि सबसे आखिरी सिर से होते हुए फिर सीने में प्रवेश कर गई। देखते ही देखते सवा मिनट में रावण का पुतला जलकर खाक हो गया।

मेला भी नहीं लगा

दशहरा पर्व देखने दर्शक तो जुटे लेकिन हमेशा लगने वाला भव्य मेला इस बार नहीं लगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस