रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)।

आंबेडकर अस्पताल के क्रिटिकल केयर स्पेशलिस्ट डा. ओपी सुंदरानी ने कहा कि ठंड और प्रदूषण के कारण सांस, हृदय और लकवाग्रस्त के अलावा अन्य गंभीर बीमारी वाले मरीजों को अधिक दिक्कतें आती हैं। इस स्थिति में कोरोना हो जाए तो यह अत्यधिक घातक हो सकता है। डा. सुंदरानी ने कहा कि राज्य में रिकवरी रेट को देखकर लोग यह ना सोचें की खतरा नहीं है। मरीज बढ़ेंगे तो स्वस्थ होने की दर भी बढ़ेगी, लेकिन देखें कि नए संक्रमित और मौत के आंकड़ें लगातार सामने आ रहे हैं। इसलिए लापरवाही बिल्कुल भी ना करें, अधिक से अधिक सावधानियां बरतने की जरूरत है। डा. सुंदरानी ने कहा कि शारीरिक दूरी का पालन करें, भीड़ से बचें, मास्क लगाएं और हाथों की सफाई रखें। नियमित योग, ध्यान, व्यायाम करना फायदेमंद होगा। डा. सुंदरानी ने कहा कि कोरोना संक्रमण एक बार हो जाने के बाद यह शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचाता है और संक्रमण समाप्त हो जाने के बाद भी स्वास्थ्यगत समस्याएं आती रहती हैं। अधिकांश स्वस्थ हुए लोगों के फेफड़ों में दिक्कतें आ रही हैं। इसके अलावा सूखी खांसी, कमजोरी, थकान जैसी समस्याएं भी हैं। इसकी जांच पोस्ट कोविड ओपीडी में आकर कराएं। बेहतर होगा कि लोग संक्रमण को लेकर सावधान रहें और बचाव के उपाय को हमेशा के लिए अपनी आदतों में डाल लें।

Posted By: Nai Dunia News Network

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