रायपुर। बिलासपुर के बिल्हा में कथित पुलिस अपमान के बाद युवक के आत्महत्या करने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने छत्तीसगढ़ के डीजीपी को नोटिस जारी किया है। आयोग ने पुलिस महानिदेशक से चार सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसमें जिम्मेदार पुलिस कर्मियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है और पीड़ित परिवार को दी गई राहत के बारे में जानकारी मांगी गई है।

एनएचआरसी ने मीडिया रिपोर्ट को संज्ञान में लेते हुए नोटिस जारी किया है। आयोग ने नोटिस में कहा कि मीडिया रिपोर्ट यदि सत्य है, तो यह पीड़ितों के जीवन और सम्मान के अधिकार का उल्लंघन है। आयोग ने बिलासपुर स्थित मानवाधिकार प्रहरी उमेश शर्मा को पुलिस थाने का दौरा करने रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।

गौरतलब है कि 29 नवंबर को 23 वर्षीय युवक ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली थी। गाड़ी टक्कर के एक मामले में पुलिस बेटे की बजाए पिता को थाने ले गए और पिटाई की। इससे आहत बेटे हरिश्चंद गेंदले ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। बिल्हा के ग्रामीणों ने घटना के बाद थाने का घेराव किया और धरना दिया। हरिश्चंद के खिलाफ कुछ युवतियों ने थाने में शिकायत की थी।

इसके बाद पुलिस उसके घर पहुंची। जब वह नहीं मिला तो पुलिस उसके पिता भागीरथी को अपने साथ ले गई। सूचना मिलते ही हरिश्चंद भी थाने पहुंचे। आरोप है कि पुलिस ने हरिश्चंद के सामने ही उसके पिता भागीरथी की जमकर पिटाई की। ग्रामीणों ने हरिश्चंद की मौत के बाद आरक्षक स्र्पलाल चंद्रा पर कार्रवाई की मांग की थी।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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