रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। अमृत मिशन परियोजना अंतर्गत मिशन क्लीन खारून के तहत निर्माणाधीन निमोरा में 90 एमएलडी का ट्रीटमेंट प्लांट फरवरी महीने के पहले हफ्ते से शुरू करने की तैयारी नगर निगम प्रशासन कर रहा है। वहीं कारा में 35 एमएलडी और चंदनडीह में 75 एमएलडी क्षमता कुल 200 एमएलडी क्षमता के तीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का भी एक से दो महीने के भीतर शुरू कर दिया जाएगा।

नगर निगम मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार ढाई सौ करोड़ रुपये से ज्यादा लागत से खारुन नदी के किनारे तीन जगहों पर तैयार हो रहे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की टेस्टिंग एक हफ्ते के भीतर शुरू करने की तैयारी है। सबसे पहले निमोरा गांव में तैयार हो रहे 90 एमएलडी (मिलियन लीटर डेली) के प्लांट की टेस्टिंग शुरू होगी।इसका सिविल वर्क लगभग पूरा हो गया है। जबकि फरवरी में कारा गांव में बन रहे 35 एमएलडी और फिर मार्च महीने के अंत में चंदनीडीह के 75 एमएलडी प्लांट की टेस्टिंग होगी।नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि तीनों प्लांट की टेस्टिंग मार्च-अप्रैल के बीच पूरी हो जाएगी।उसके बाद गंदे पानी को साफ करने वाले तीनों प्लांट एक साथ काम करने लगेंगे।

कोरोना संकटकाल से रूका निर्माण

केंद्र सरकार की अमृत मिशन योजना के तहत खारुन को साफ करने के लिए नदी के किनारे तीन गांवों में एसटीपी लगाने की योजना 2018 में शुरू की गई थी।साल 2020 तक इसे पूरा हो जाना था, लेकिन इसी दौरान कोरोना संक्रमण तेजी से फैलने से काम में सालभर की देरी हो गई।कोरोना की पहली लहर की वजह से छह महीने तक तीनों ट्रीटमेंट प्लांट का काम पूरी तरह से बंद रहा।जब लाकडाउन खुला और काम शुरू होने लगा तभी दूसरी लहर भी आ गई,इस वजह से भी काम प्रभावित हुआ।साल 2021 में हालात धीरे-धीरे सामान्य होने पर तीनों ही प्लांट का सिविल वर्क पूरा होने के बाद मशीन स्थापित करने का काम दिसंबर तक पूरा किया गया।अब मशीन की टेस्टिंग की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि टेस्टिंग में सबसे पहले यह देखा जाएगा कि प्लांट की अलग-अलग इकाइयां पंपिंग सेक्शन, आक्सीजन फ्लोर, पानी का फ्लो आदि पृथक-पृथक रूप से सही काम कर रही हैं या नहीं।सभी इकाइयां सही काम करने पर पूरे प्लांट को एक साथ चालू कर सभी फंक्शन की जांच की जायेगी।अगर कुछ कमियां सामने आई तो उसे दूर कर प्लांट को चालू करने की अनुमति लेकर तीनों प्लांट को एक साथ शुरू करेगे।

छह एमएलडी का भाठागांव में प्लांट पहले से शुरू

नगर निगम इस प्रोजेक्ट से अलग भाठागांव में छह एमएलडी का एक अलग एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) चिंगरी नाले के गंदे पानी से दूषित हो रही नदी को बचाने के लिए बनाया गया है। दरअसल जहां पर प्लांट लगाया गया है वहीं पर नदी से पानी लेकर नगर निगम उसे साफ कर लोगों को पीने के लिए सप्लाई करता है। नाले के कारण गंदा हो रहे नदी के पानी को साफ करने में निगम अमले को काफी मशक्कत करनी पड़ती है, इसलिए इंटकवेल के पास ही एसटीपी लगाया गया है, ताकि नदी का पानी वहां पर साफ रहे। यह प्लांट पिछले साल ही शुरू किया जा चुका

है।

Posted By: Sanjay Srivastava

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