रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। राजधानी के आंबेडकर अस्पताल में दो दिन पूर्व आगजनी की घटना सामने आने के बाद राज्य के अन्य अस्पतालों में फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं होने से मरीजों की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। प्रदेश के 75 फीसद निजी अस्पतालों में फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं है, जबकि समय-समय पर अस्पतालों में आगजनी की घटनाएं सामने आती रहती हैं। 18 अप्रैल, 2021 में राजधानी अस्पताल में आगजनी से छह मरीजों की जलकर मौत हो गई थी।

घटना की जांच रिपोर्ट में सामने आया कि अस्पताल में फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं था। मरीजों की सुरक्षा के मद्देनजर जब नईदुनिया की टीम ने शासकीय अस्पतालों व मेडिकल कालेज अस्पतालों की पड़ताल की तो सामने आया कि डीकेएस शासकीय सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल, दुर्ग, कोरबा, धमतरी, कबीरधाम, बिलासपुर जिला अस्पताल, अंबिकापुर मेडिकल कालेज अस्पताल समेत अन्य शासकीय अस्पतालों में फायर फाइटिंग सिस्टम का आडिट हर साल कराया गया है, जबकि आंबेडकर अस्पताल में आडिट ही नहीं हुआ है, जबकि यह प्रदेश का सबसे बड़ा अस्पताल है। इधर अग्निशमन विभाग भी कर्मचारियों की कमी से जांच और आडिट नहीं कर पा रहा है। हर साल अस्पतालों में नियम के अनुसार फायर फाइटिंग सिस्टम की जांच होनी चाहिए।

25 प्रतिशत में ही उपलब्ध

राजधानी में 550 समेत राज्य में 1,200 से अधिक निजी अस्पताल और नर्सिंग होम संचालित हैं। इनमें से बमुश्किल 25 फीसद अस्पताल ही फायर फाइटिंग सिस्टम के मानक को पूरा कर पा रहे हैं, जबकि 75 फीसद अस्पताल नियम को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। राज्य अस्पताल बोर्ड के अध्यक्ष डा. राकेश गुप्ता ने फायर फाइटिंग सिस्टम के नियम में जटिलता को इसकी मुख्य वजह बताई है।

शासकीय नियम ने विभाग के बांधे हाथ

जिला अग्निशमन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार संस्थानों को आनलाइन आवेदन कर हर साल फायर फाइटिंग सिस्टम का आडिट कराना है। शासकीय नियम भी ऐसे हैं कि यदि सिस्टम में खामी है तो संस्थानों को सिर्फ नोटिस देने का ही अधिकार है। विभाग खामी पाए जाने पर भी किसी तरह की कार्रवाई नहीं कर सकता है।

रायपुर सीएमएचओ डा. मीरा बघेल ने कहा, राजधानी के अस्पताल में आगजनी की घटना के बाद जांच में फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं होने की बात सामने आई थी। प्रत्येक अस्पताल को नियम का पालन करना है। इसकी मानिटरिंग व व्यवस्था अग्निशमन विभाग ही देख रहा है।

रायपुर अग्निशमन विभाग संजय मिश्रा ने कहा, लोगों की सुरक्षा को देखते हुए सभी अस्पतालों में फायर फाइटिंग सिस्टम की व्यवस्था होनी चाहिए। इसके आडिट में मुख्य समस्या कर्मचारियों की आ रही है।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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