रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

डॉ. भीमराव आंबेडकर मेमोरिलय हॉस्पिटल के जूनियर डॉक्टर (जूडा) बुधवार से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जा रहे हैं। 300 जूनियर डॉक्टरों की सेवाएं बाधित होने से 948 मरीज प्रभावित होंगे। गौरतलब बात है कि मंगलवार की देर रात जूडा के प्रतिनिधि मंडल ने स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव से मुलाकात की थी, लेकिन मंत्री की ओर से ठोस आश्वासन न मिलने पर हड़ताल करने का निर्णय लिया गया। मंत्री ने प्रतिनिधि मंडल से कहा कि वेतन बढ़ोतरी की प्रक्रिया जारी है, एकाएक निर्णय नहीं लिया जा सकता। बाकी आप स्वतंत्र हैं।

गौरतलब बात है कि जूडा डॉक्टरों के प्रतिनिधि मंडल ने निर्णय लिया है कि रात आठ से सुबह नौ बजे तक वे सेवाएं देंगे। हड़ताल से हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों के लिए अस्पताल प्रबंधन ने कंसल्टेंट डॉक्टरों को ड्यूटी में उपस्थित रहने का आदेश दिया है। इसके बावजूद ओपीडी से लेकर इमरजेंसी सेवा शुक्रवार सुबह आठ बजे से प्रभावित रहेंगी। इसका कारण है कि जूडा ही सबसे पहले ओपीडी में पहुंचते हैं। इमरजेंसी ड्यूटी में भी जूडो ही 24 घंटे उपस्थित रहते हैं।

ऑपरेशन होंगे प्रभावित, कई टलने के आसार

हड़ताल से अस्पताल की चिकित्सा-व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है। सबसे ज्यादा असर ऑपरेशन पर हो सकता है। ऑपरेशन चूंकि सुबह ओपीडी के दौरान ही होते हैं, जूडा हड़ताल होने के कारण ऑपरेशन की ऊहापोह की स्थिति है। इस बारे में अस्पताल के वरिष्ठ अफसरों ने भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। गौरतलब है कि एक साल पहले डॉक्टर से मारपीट के आरोप में भी जूडा हड़ताल पर गए थे।

ये है मांगें

- सातवां वेतनमान दिया जाए।

- डॉक्टरों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं।

- स्वास्थ्य का बजट बढ़ाया जाए।

- सीसीयू समेत ट्रामा में 24 घंटे सुरक्षा गार्ड हों।

- सभी वार्डों में सीसीटीवी लगाएं, ताकि किसी भी घटना के बाद आरोपी पकड़े जाएं।

- वार्ड में सुरक्षा गार्ड व पुलिस के जवान हर दो घंटे में निरीक्षण करें।

- सभी विभागों में स्टाफ की कमी दूर की जाए।

- अस्पताल चौकी में पुलिस जवानों की संख्या बढ़ाएं।

- अस्पताल के सभी स्थानों पर इमरजेंसी हेल्प लाइन नंबर दें।

- 50 लाख का बांड हटाया जाए।