रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश का उल्लंघन करने पर कलेक्टर ने दो राइस मिलर्स को नोटिस जारी किए हैं। इनमें नवापारा राजिम स्थित प्रभु इंटरप्राइजेस चंपारण और श्री श्यामजी राइस मिल शामिल हैं। नोटिस में कहा गया है कि क्यों न निरीक्षण में प्राप्त चावल व धान शासन के पक्ष में राजसात किया जाए। आपकी फर्म को कस्टम मिलिंग कार्य के लिए काली सूची में दर्ज करने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाए और प्रकरण अभियोजन की कार्यवाही के लिए सक्षम न्यायालय को सौंप दिया जाए। यदि उक्त फर्मों द्वारा निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जबाव प्रस्तुत नहीं किया गया तो एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि छह जुलाई को खाद्य विभाग की टीम ने इन मिलर्स के यहां छापा मारा था। पाया था कि श्यामजी राइस मिल में कस्टम मिलिंग के लिए मार्केटिंग फेडरेशन से 24 हजार क्विंटल धान का अनुबंध कराया गया था। 23 हजार 987 क्विंटल धान का उठाव हुआ था। इसके बाद उसना चावल 13 हजार 212 क्विंटल एफसीआइ में दिया गया। जबकि उक्त मिल की मिलिंग क्षमता दो मीट्रिक टन है। इस हिसाब से उनके द्वारा 48 हजार क्विंटल धान का उठाव कर मिलिंग की जानी थी। लेकिन केवल 23 हजार 987 क्विंटल धान का उठाव कर मिलिंग के बाद चावल जमा किया गया। मिल परिसर में स्टॉक बोर्ड भरा हुआ नहीं पाया गया। डेली स्कंध पंजी संधारित नहीं थी। मौके पर 3344 क्विंटल चावल 28 हजार क्विंटल पतला धान जब्त कर श्रीयश अग्रवाल की सुपुर्दगी में दिया गया।

--यहां भी मिला गड़बड़झाला

प्रभु इंटर प्राइजेस की जांच में 32 हजार क्विंटल के विरुद्ध 9 हजार 140 क्विंटल धान का उठाव होना पाया गया। इसकी भी मिलिंग क्षमता दो मीट्रिक टन है। इसके हिसाब से इनके द्वारा 48 हजार क्विंटल धान का उठाव कर मिलिंग करनी थी। लेकिन मात्र 9,140 क्विंटल धान का उठाव कर मिलिंग कर चावल जमा किया। इनके द्वारा धान एवं चावल के संबंध में त्रैमासिक रिपोर्ट भी नहीं भेजी गई है।