- जब गांधी मुझसे मिले नाटक प्रस्तुति से दर्शकों का मन-मोह लिया

-- सुप्रसिद्ध नाट्यकार सुषमा देशपांडे ने दी प्रस्तुति

फोटो दीपेंद्र भैय्या

रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। फिल्म आर्ट कल्चर एंड थिएट्रिकल सोसायटी रायपुर द्वारा सुप्रसिद्घ रंगकर्मी हबीब तनवीर की स्मृति में तरंगम-4 का आयोजन के पहले दिन की शुरुआत सुप्रसिद्ध नाट्यकार पुणे निवासी सुषमा देशपांडे की प्रस्तुति- जब गांधी मुझसे मिले से हुई। नाटक के दौरान कुछ हृदय स्पर्शी संवादों ने दर्शकों का मन-मोह लिया।

प्रसिद्ध डॉयलाग

00 मैंने बापू को आज यहां पर बुलाया है। आप लोग उनसे मिल पाएं इसलिए बापू, क्या वह वहां पर हैं? बापू? थोड़ी देर पहले वह आपके साथ थे ना बापू? फिर कहती हैं बापू को हमारी मुलाकातों के बारे में मैंने बता दिया है, अब आ जाइये, बापू यहां मिट्टी का सत्य विलीन हो चुका है।

00 रोज कोई मंत्री सत्ता के लिए एक नई बात सुनाता है, वहां पर कश्मीर खत्म हो चुका है, यहां पर चौराहों पर लड़कियों को जलाया जा रहा है। दिन के उजाले में खून हो रहे हैं। सत्य का खून हुआ है और रोज हर पल हर समय खून हो रहे हैं। बापू सत्य की खोज तुम्हें करनी होगी।

00 सत्य तो फैले हुए खून में सड़ रहा है। बापू आप कहां हो? आप यहां इकट्ठा हुए इन लोगों को मिलने आने वाले थे ना? अंत में वो अपने वार्तालाप को इन समवादीन के साथ बहुत जरूरी मुकाम पे लाकर नाट्यवाचन समाप्त करते हुए दर्शकों को कई प्रश्नों के बीच छोड़ जाती हैं।

00 धर्म के वार्तालाप में गांधी कहते हैं?

मैं जो कुछ दिनों के लिए दक्षिण अफ्रीका गया था। वह दक्षिण अफ्रीका के हिंदी लोगों की स्वाभिमान रक्षा की क्रांति को चलाने के लिए बीस साल रहा। बीस साल आप वहां थें। वहां पर सभी जाति धर्म के लोग थे? वह आपकी सुनते थे? हां- मुस्लिम, हिंदू, क्रिश्चन, तमिल, सभी थे। दक्षिण अफ्रीका में इन समाजों के साथ, इन लोगों के साथ सत्याग्रह का, अहिंसक सत्याग्रह का पहला प्रयास हुआ। राजकीय अधिकार प्राप्त करने के लिए पहली बार जेल गया। इस मौके पर नाटक को दर्शकों ने धैर्यपूर्वक सुना और सराहा।

Posted By: Nai Dunia News Network

fantasy cricket
fantasy cricket