रायपुर। विधानसभा चुनाव में विराट जीत के बाद लोकसभा चुनाव में करारी शिकस्त ने कांग्रेस के लिए नगरीय निकाय चुनाव के लिए चुनौती बढ़ा दी है। नगरीय निकाय चुनाव को छह माह बचे हैं, इस बीच कांग्रेस अपने गिरे हुए वोट को फिर से बढ़ाने की पूरी कोशिश करेगी, ताकि शहरी सत्ता में भी पार्टी का झंडा लहराए। इसके लिए कांग्रेस दो रणनीति के तहत काम करेगी। पहला तो बूथ और वार्डों में मिले वोटों की कुंडली तैयार की जा रही है और दूसरा सरकार शहरी क्षेत्रों में नए व स्र्के हुए विकास कार्यों को शुरू करके जनता को साधा की कोशिश करेगी।

पांच माह पहले प्रदेश में विधानसभा चुनाव हुआ, तो कांग्रेस ने भाजपा को एकतरफा हराया। 90 में से 68 विधानसभा सीटों पर कांग्रेस ने कब्जा किया, जबकि 15 साल सत्ता में रहने वाली भाजपा केवल 15 सीटों पर ही सिमटकर रह गई। विधानसभा चुनाव में मिली जीत उत्साहित कांग्रेसी लोकसभा चुनाव में भी एकतरफा जीत का दावा कर रहे थे। न केवल प्रदेश कांग्रेस के नेता, बल्कि पार्टी हाईकमान भी छत्तीसगढ़ में नौ से 11 लोकसभा सीटों पर जीत को लेकर आश्वस्त था।

भाजपा विधानसभा चुनाव में मिली हार के कारण चिंतित थी। यही वजह है कि लोकसभा चुनाव में भाजपा का प्रचार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह समेत कुछ और राष्ट्रीय स्तर के नेता यहां प्रचार करने आए, लेकिन कांग्रेस से राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी केवल एक दिन आए और दो सभा करके लौट गए।

उनके अलावा कांग्रेस से और एकमात्र स्टार प्रचारक नवजोत सिद्धू को यहां भेजा गया था। कांग्रेस के दावों की लोकसभा चुनाव के नतीजे ने हवा निकाल दी। 11 में से केवल दो लोकसभा सीट ही कांग्रेस जीत पाई। इस हार के बाद कांग्रेस को समझ आया है कि विधानसभा चुनाव में एकतरफा जीत का बड़ा कारण पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के खिलाफ जनता की नाराजगी थी, जिसमें कांग्रेस को उम्मीद से ज्यादा सीट दिला दी थी। अब लोकसभा चुनाव के नतीजे से भाजपा उत्साहित है। वहीं, कांग्रेस को समझ आ गया है कि साल के अंत में प्रदेश के 168 नगरीय निकायों में होने वाले चुनाव आसान नहीं है।


20 हजार करोड़ के अटके थे काम, अब होगा टेंडर

कांग्रेस सरकार ने सारे निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी थी। इस कहा गया था कि टेंडर की लागत और काम की उपयोगिता देखने के बाद काम शुरू कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पीडब्ल्यूडी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जलसंसाधन विभाग, विद्युत विभाग को निर्देश दिया है कि वे ऐसे कामों का टेंडर करें, जो आचार संहिता के कारण अटक गए थे। इसमें 15 हजार करोड़ की सड़क, पुल-पुलिया, चार हजार करोड़ की रेल परियोजना व रोड और एक हजार करोड़ की तीन दर्जन बिजली परियोजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री इस कोशिश में भी लगे हैं कि जलसंकट को दूर किया जाए, जो कि शहरी क्षेत्रों के लिए बड़ी समस्या है।


जिलाध्यक्ष तैयार कर रहे वार्ड क्षेत्रवार कुंडली

विधानसभा चुनाव में बूथ और वार्ड क्षेत्रवार मिले वोटों का लेखा-जोखा पहले से तैयार है। अब जिलाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि वे लोकसभा चुनाव में मिले वोटों का बूथ व वार्ड क्षेत्रवार चार्ट तैयार करके पीसीसी को दें। इसके आधार पर पार्टी के पार्षदों का परफॉर्मेंस भी चेक हो जाएगा। पार्षदों को टिकट देने से पहले वार्ड में उनके कामकाज और लोकप्रियता को सर्वे भी कराया जाएगा।


भाजपा-कांग्रेस के पास छह-छह नगर निगम

वर्ष 2014 के नगरीय निकाय चुनाव में 13 नगर निगम में से पांच रायपुर, भिलाई, अंबिकापुर, कोरबा और जगदलपुर में कांग्रेस और छह बिलासपुर, दुर्ग, धमतरी, राजनांदगांव, बीरगांव, भिलाई-चरौदा में भाजपा के महापौर जीत थे। रायगढ़ और चिरमिरी में निर्दलीय महापौर चुने गए थे। हालांकि, अब चिरमिरी के महापौर ने कांग्रेस में वापसी कर ली है, तो अभी कांग्रेस के पास छह महापौर की कुर्सियां हैं।