संदीप तिवारी, रायपुर। Education News: स्कूल शिक्षा विभाग में नौकरशाही हावी है। विभागीय मंत्री को छुपाकर अफसरों के मौखिक आदेश पर तबादला या फिर अटैचमेंट का खेल चल रहा है। ताजा मामला इन दिनों कुछ दिन पहले अवर सचिव जनक कुमार की ओर से जारी एक आदेश को लेकर चर्चा में है। आदेश के मुताबिक, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव के मौखिक निर्देश का हवाला देकर शासकीय बीटीआइ बिलासपुर की प्राचार्य अल्का शुक्ला को राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान बिलासपुर में प्रभारी परियोजना अधिकारी बनाया गया है।

दिलचस्प बात यह है कि इस आदेश की कापी विभागीय मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम को भी नहीं दी गई है। यह पहली बार नहीं है जब स्कूल शिक्षा विभाग में इस तरह के आदेश जारी हुए हों। इसके पहले भी अफसरों ने अपने स्तर पर खूब सारे आदेश निकाले हैं। इस तरह के आदेश मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बिना नही निकाले जा सकते हैं और यहां प्रमुख सचिव का हवाला देकर मनमानी आदेश जारी हो रहे हैं।

गौरतलब है कि कोरोना काल में न तो तबादला नीति बनाई गई है और न ही इसके लिए किसी भी तरह का आदेश जारी किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश के मुताबिक तबादला केवल मुख्यमंत्री के समन्वय समिति के अनुमोदन द्वारा ही किया जा सकता है। यहां तक कि व्याख्याता और प्राचार्य स्तर के अधिकारियों का आदेश केवल सचिवालय से निकाला जा सकता है।

मामले में स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने कहा कि आज रविवार का अवकाश है, मेरे संज्ञान में अभी नहीं है। अब फाइल में देखना पड़ेगा कि इस आदेश को निकालने के लिए किसका अप्रूवल लिया गया है। कौन-कौन अधिकारी इस तरह के आदेश निकाल रहे हैं, मेरे संज्ञान में नहीं है।

कोरोना के चलते राज्य में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बेशक तबादले पर रोक लगा रखी है। मगर, स्कूल शिक्षा विभाग में इन नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। अफसर गुपचुप तरीके शिक्षक एलबी से लेकर व्याख्याता, प्राचार्य यहां तक कि राजपत्रित अधिकारियों में सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी स्तर के अफसरों को भी पदस्थापना के नाम पर तबादला कर रहे हैं। ये तब हो रहा है, जब राज्य के स्कूल बंद हैं।

गौरतलब है कि इसके पहले भी कई आदेश निकाले जा चुके हैं, जिनमें नियमों का पालन तक नहीं किया गया। लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से 31 अक्टूबर, 2020 को जारी एक आदेश में शासकीय हाई स्कूल खमतराई आरंग के व्याख्याता रविकुमार शर्मा को सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी धरसींवा रायपुर के रिक्त पद पर पदस्थ कर दिया गया है।

यह जानकारी प्रतिलिपि के रूप में न ही विभागीय मंत्री को दी गई है और न ही प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा, संयुक्त संचालक स्कूल शिक्षा और रायपुर के कलेक्टर को दी गई है। जबकि नियमानुसार कोई भी पदस्थापना आदेश की जानकारी कलेक्टर, प्रमुख सचिव, संयुक्त संचालक यहां तक की मंत्री-मुख्यमंत्री तक भेजनी होती है।

इसी तरह लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक की ओर से 15 सितंबर 2020 को एक और तबादला आदेश गुपचुप तरीके से किया गया। इसमें गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के बीईओ (व्याख्याता) गिरीशचंद्र लहरे को शासकीय उमावि पकरिया गौरेला में पदस्थ करके इसी स्कूल के व्याख्याता संजय वर्मा को अस्थायी रूप से प्रभारी बीईओ बना दिया गया। इसमें प्रमुख सचिव, कलेक्टर को जानकारी दी गई पर विभागीय मंत्री को सूचना प्रतिलिपि में नहीं दी गई।

इसी तरह लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से 15 सितंबर 2020 को एक और तबादला आदेश गुपचुप तरीके से किया गया। इसमें गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के बीईओ (व्याख्याता) गिरीशचंद्र लहरे को शासकीय उमावि पकरिया गौरेला में पदस्थ करके इसी स्कूल के व्याख्याता संजय वर्मा को अस्थायी रूप से प्रभारी बीईओ बना दिया गया। इसमें प्रमुख सचिव, कलेक्टर को जानकारी दी गई पर विभागीय मंत्री को सूचना प्रतिलिपि में नहीं दी गई।

इसी तरह शासकीय माध्यमिक शाला बालक चलगली वाड्रफनगर बलरामपुर-रामानुजनगर में शिक्षक एलबी अनिमेश विक्रम को संयुक्त संचालक के जरिए शासकीय माध्यमिक शाला सुखरी सरगुजा में पदस्थ कराया गया। रिक्त पद पर उनकी पदस्थापना कर दी गई है। इसकी जानकारी न ही सचिव को दी गई और न ही प्रमुख सचिव को प्रतिलिपि की गई है। वहीं शासकीय प्राथमिक शाला बिच्छल घाटी कुमदेवा विकासखंड उदयपुर सरगुजा को शासकीय प्राथमिक शाला पहाड़पाराकोट लुंड्रा, सरगुजा के रिक्त पद पर आदेशित करके पदस्थ कर दिया गया है।

Posted By: Shashank.bajpai

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