रायपुर। स्वतंत्रता दिवस पर मीसाबंदियों का सम्मान नहीं होगा। इसका कारण यह है कि अब तक सरकार की तरफ से मीसाबंदियों को स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम का आमंत्रण पत्र नहीं पहुंचा है। हालांकि, अभी सरकार या प्रशासन की तरफ से इस पर कोई बयान नहीं आ रहा है।

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प्रदेश में लगभग 300 मीसाबंदी हैं। जब कांग्रेस की सरकार बनी, तो कांग्रेसियों ने यह मुद्दा उठाया कि मीसाबंदी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नहीं हैं। उन्हें पेंशन देने से स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का अपमान होता है। इसके बाद इसी साल जनवरी में सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी किया गया कि सभी मीसाबंदियों का भौतिक सत्यापन कराया जाए कि वे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हैं या नहीं?

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उसके बाद ही फरवरी की पेंशन दी जाए। भौतिक सत्यापन की समयसीमा तय नहीं की गई थी, इसलिए अब तक न भौतिक सत्यापन हो पाया है और न ही मीसाबंदियों की पेंशन शुरू हो पाई है। पेंशन पर ब्रेक लगने के बाद अब ऐसा संकेत मिला है कि सरकार स्वतंत्रता दिवस में उनका सम्मान भी बंद करने वाली है, तभी इस बार उन्हें आमंत्रण कार्ड नहीं मिला है।

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