रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

ज्वाइंट इंजीनियरिंग एंट्रेस एग्जाम एडवांस के नजीजे शुक्रवार को जारी किए गए। राजधानी में चार हजार प्रतिभागियों ने परीक्षा दी थी। देश भर के श्रेष्ठ इंजीनियरिंग संस्थानों आइआइटी के लिए आयोजित परीक्षा में राजधानी के गजानंद गित्ते ने 321 रैंक और अंजिलिना साकिबा ने 438 रैंक हासिल की । वहीं उत्कर्ष राज मलिक 630 रैंक और सिद्धेश पाण्डेय को 911 रैंक मिली। इनकी कामयाबी का एक ही फंडा रहा डटकर पढ़ाई। तैयारी के दौरान किसी ने आठ घंटे से कम पढ़ाई नहीं की। कुछ तो पढ़ाई में इतने रमे कि समय की ओर उनका ध्यान ही नहीं गया।

म्यूजिक से किया स्ट्रेस दूर

जेईई एडवांस में 321 रैंक हासिल करने वाले गजानंद गित्ते का कहना है कि रोजाना आठ से नौ घंटे की पढ़ाई करता था। इसी का नतीजा है कि पांच रैंक के अंदर मुझे स्थान मिला है। पढ़ाई में जब भी ज्यादा तनाव होता था, तब गिटार बजाता था। इससे तनाव दूर हो जाता था। सभी विषयों पर फोकस किया। साथ ही केमेस्ट्री, जो ज्यादा पसंद नहीं आता था, उसकी ज्यादा तैयारी की।

पूरा फोकस मैथ्स पर, टीवी से पूरे साल रही दूर

वल्लभ नगर की रहने वाली अंजिलिना साकिबा ने ऑल इंडिया रैंक 438 हासिल की है। अंजिलिना ने बताया कि पढ़ाई कभी घंटे से नहीं की, लेकिन मैथ्स पर पूरा फोकस किया। मैथ्स में अच्छा स्कोर करना था, इसलिए ज्यादा से ज्यादा तैयारी की। साथ ही पढ़ाई के लिए पूरे एक साल टीवी, सोशल साइट से पूरी तरह से दूरी बना के रखी।

रोजाना टाइम देखकर नौ घंटे की पढ़ाई

शिवानंद नगर के रहने वाले उत्कर्ष राज मलिक की जेईई एडवांस में 630 रैंक है। उन्होंने तैयारी की रणनीति बताई। कहा कि रोजाना घड़ी देखकर नौ घंटे पढ़ाई करता था। हर विषय को तीन-तीन घंटे के अनुसार बांट दिया था। मम्मी-पापा टीवी देखते थे, लेकिन मैंने कभी नहीं देखा। साथ ही वीडियो और आडियो सुन कर भी पढ़ाई की।

चार बार किया सिलेबस रिवाइज

शंकरनगर नगर के रहने वाले सिद्घेश पाण्डेय ने बताया कि 911 रैंक हासिल करने के लिए तीनों सब्जेक्ट को तीन बार रिवाइज किया है। मैथ्स, फिजिक्स और केमेस्ट्री तीनों को बार-बार पढ़ाई की। साथ ही न्यूमेरिकल सवाल पर भी पूरा फोकस किया।

विशेषज्ञों की राय

रामानुजन और रेजोनेंस कोचिंग के विशेषज्ञ सुनील बुंदाडे, अमन जैन ने बताया कि 35 प्रतिशत स्कोर आइआइटी में छात्रों को प्रवेश मिल जाएगा। इस वर्ष जेईई एडवांस का कटऑफ गिरा है। पुरानी आइआइटी में पांच हजार रैंक के अंदर प्रवेश मिल जाएगा। वहीं सभी आइआइटी में 10 हजार तक की रैंक में आसानी से प्रवेश मिल जाएगा।

कम्प्यूटर साइंस- पुराने आइआइटी में पांच सौ रैंक के अंदर प्रवेश

इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल- एक हजार रैंके के अंदर प्रवेश मिल जाएगा।

सफल छात्रों ने बताया सफलता का राज

- जो सवाल समझ न आए, उसे बार-बार बनाएं

- टीवी, मोबाइल से रहें दूर

- तीनों सब्जेक्ट पर बराबर की तैयारी