रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के संचालक एवं सदस्य सचिव जितेंद्र शुक्ला ने गढ़बो डिजिटल छत्तीसगढ़ कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण ले रहे युवाओं से कहा कि सरल भाषा में प्रशिक्षण देने से बात अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती है। वे तीन दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण गुणवत्तापूर्ण हो इसके लिए प्रशिक्षण ले रहे ई-एजुकेटर्स का ऑनलाइन टेस्ट लिया जाएगा। सभी के प्रयास से गढ़बो डिजिटल छत्तीसगढ़ कार्यक्रम को देश में अव्वल नंबर का कार्यक्रम बनाना है। बता दें कि मुख्यमंत्री शहरी कार्यात्मक साक्षरता कार्यक्रम अंतर्गत छत्तीसगढ़ के रिसोर्स पर्सन और ई-एजुकेटर्स का राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन 26 से 28 फरवरी तक राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद शंकर नगर रायपुर में आयोजित किया गया है।

सीखने-सिखाने की नहीं होती कोई उम्र

प्रशिक्षण में उपस्थित सभी प्रतिभागी युवा है, नई पीढ़ी के लोग हैं ऐसे मंच पर सभी का समागम होना अच्छी बात है। खास बात है कि इस सदन में सभी लोग उच्च शिक्षित और डिजिटल साक्षर हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण लेने के बाद हमारा ध्येय लक्षित समूह के अंतिम व्यक्ति तक डिजिटल साक्षरता पहुंचाना है। इसके लिए भाषा सहज और सरल होनी चाहिए। लक्षित समूह से सीधे सरल भाषा में संवाद का गुण ई-एजुकेटर्स में होना आवश्यक है। सीखने-सिखाने की कोई उम्र एवं सीमा नहीं होती, यह सभी बंधनों से परे होता है। भाषा की सरलता और सुगमता के साथ साथ पाठ्यक्रम भी सरल हो, ताकि समझने में आसानी हो।

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