रायपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। कोरोना वार्ड बनाने के नाम पर जिला स्वास्थ्य विभाग ने शासकीय आयुर्वेदिक कॉलेज की ओपीडी को बंद करा दिया है। बिना सूचना के ओपीडी की जगह कोरोना वार्ड बनाने के निर्णय से कॉलेज प्रबंधन सकते में हैं। ओपीडी बंद होने से जहां मरीजों के भटकने की नौबत आ गई है, वहीं पीजी के 159 छात्रों का शोध भी इससे प्रभावित हो रहा है।

आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने बताया कि सामान्य दिनों में यहां 400 से 500 मरीर रोज ओपीडी में आते थे। वर्तमान कोरोना काल में रोज 250 से 300 मरीज आ रहे थे। कोरोना मरीजों के लिए यहां पहले से 200 बिस्तरों की व्यवस्था की गई थी, लेकिन जिला स्वास्थ्य विभाग ने अचानक ओपीडी को बंद करा दिया। मरीज भटक रहे हैं और छात्रों का शोध भी प्रभावित हो रहा है। दरअसल ओपीडी में पहुंचे वाले मरीजों का इलाज कर ही छात्र शोध पूरा करते हैं। अचानक बदली व्यवस्था से आयुर्वेदिक कॉलेज के छात्र काफी आक्रोशित हैं।

मामले की जानकारी स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचने के बाद रविवार को को स्वास्थ्य विभाग के संभागायुक्त डॉ. सुभाष पांडेय, आयुष विभाग के डायरेक्टर डॉ. जीएस बदेशा समेत स्वास्थ्य अधिकारियों ने अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि कोरोना इलाज की व्यवस्था के मद्देनजर अस्पताल का दौरा किया गया। ओपीडी बंद होने की स्थिति की भी जानकारी ली गई। इसकी रिपोर्ट स्वास्थ्य संचालक और सचिव को दी जाएगी। इसके बाद निर्णय होगा कि मामले पर क्या कार्रवाई होनी है।

निर्णय को बताया अव्यवहारिक

आयुष मंत्रालय के पूर्व सदस्य एवं छत्तीसगढ़ आयुर्वेद महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. शिवनारायण द्विवेदी ने ओपीडी को बंद कराकर कोरोना वार्ड बनाने के प्रशासन के निर्णय को अव्यवहारिक बताते हुए इस पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब राजधानी के एम्स, मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पतालों, प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों, स्वास्थ्य केंद्रों में सामान्य मरीजों के लिए ओपीडी संचालित हैं तो अकेले आयुर्वेद कॉलेज की ओपीडी को क्यों बंद किया जा रहा है? उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव से ओपीडी संचालन की अपील की है।

जिला स्वास्थ्य विभाग ने ओपीडी परिसर का निरीक्षण करने के बाद कोरोना वार्ड बनाने के लिए इसे बंद को कहा। इसकी सूचना पूर्व में नहीं मिलने की वजह से व्यवस्था कहीं और नहीं की जा सकी है। स्वास्थ्य विभाग के संभागायुक्त व आयुष के डायरेक्टर सहित अन्य अधकिारी अस्पताल का निरीक्षण कर गए हैं। निर्देश के बाद ही ओपीडी का संचालन शुरू किया जा सकेगा।- डॉ. प्रवीण जोशी, अधीक्षक, आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज अस्पताल

ओपीडी अचानक बंद होने से मरीजों को दिक्कत होने के साथ ही छात्रों का शोध भी प्रभावित हो रहा है। इसे शुरू करना बेहद जरूरी है। ओपीडी बंद करने से पहले सूचना के संबंध में जानकारी नहीं है। स्थिति पता करने के बाद ही कुछ बता पाऊंगा।- डॉ. जीएस बघेल, प्राचार्य, आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज

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Ram Mandir Bhumi Pujan
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